यात्रा लेखन, ब्लागिंग और सोशियल मीडिया लेखन कार्यपर व्यवसायिक कौशल विकास पाठयक्रम का आयोजन


नोएडा ( फेस वार्ता):- पर्यटन और अतिथि सत्कार से जुड़े छात्रों, शिक्षकों और यात्रा लेखन, ब्लागिंग में रूचि रखने वाले छात्रों को जानकारी प्रदान करने के लिए एमिटी विश्वविद्यालय के एमिटी इंस्टीटयूट आॅफ ट्रैवेल एंड टूरिस्म द्वारा ‘‘ यात्रा लेखन, ब्लागिंग और सोशियल मीडिया लेखन कार्य’’ विषय पर 06 दिवसीय आॅनलाइन व्यवसायिक कौशल विकास पाठयक्रम का आयोजन किया गया। इस व्यवसायिक कौशल विकास पाठयक्रम का शुभारंभ डीडीपी गु्रप के संस्थापक और एमडी संजीत, प्रसिद्ध अंर्तराष्ट्रीय यात्रा और भोजन लेखक और फोटोग्राफर श्रीमती सुशीला नायर, एमिटी विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर डा (श्रीमती) बलविंदर शुक्ला, एमिटी विश्वविद्यालय के फैकल्टी आॅफ हाॅस्पीटैलिटी एंड टूरिस्म के डीन डा मनोहर सजनानी द्वारा किया गया। इस व्यवसायिक कौशल विकास पाठयक्रम के प्रथम दिन विभिन्न सत्र में एमिटी शिक्षण समूह की वाइस प्रेसीडेंट –

कम्यूनिकेशन डा सविता मेहता ने ‘‘ यात्रा लेखन की अनिवार्यता’’ और नवयुश ट्रैवेल एक्सपिरियेंसेस के संस्थापक पुनित सक्सेना ने ‘‘ यात्रा लेखन के प्रकार’’ पर जानकारी प्रदान की। इस कार्यक्रम में लगभग देश विदेश से 83 विश्वविद्यालयों के 1000 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

इस व्यवसायिक कौशल विकास पाठयक्रम का शुभारंभ डीडीपी गु्रप के संस्थापक और एमडी संजीत ने कहा कि यात्रा लेखन या ब्लागिंग अन्य आवश्यकताओं की तरह एक आवश्यकता है क्योकी लोग नये स्थानों पर भ्रमण करना चाहते है, अन्य संस्कृतियों और सभ्यताओं को जानना चाहते है। इस प्रकार के कार्यक्रम छात्रों के ज्ञान में बृहद वृ़िद्व करेगें। पर्यटन किसी भी दो देशों के मध्य व्यापार व अन्य संबंध स्थापित करने में सहायता करता है। व्यापारिक सेतु से पहले पर्यटन सेतु का निर्माण होता है। उन्होनें कहा कि यात्रा लेखन, सपने, आशाओं और अभिलाषाओं का निर्माण करता है। यात्रा पत्रकारिता एक जिम्मेदारी भरा कार्य है, अगर आप सिर्फ इसलिए यात्रा लेखन करना चाहते है क्योकी आपको यात्रा करना पसंद है तो आप यात्रा लेखन नही कर सकते आपको अपनी जिम्मेदारी को समझना होगा। आपका अनुभव आपके लेखन का भाग होना चाहिए क्योकी लोग सदैव वही जानना चाहते है जिसके बारे में अन्य लोगों को पता ना हो। यात्रा पत्रकारिता, यात्रा ब्लागिंग और सोशियल मीडिया पर यात्रा अनुभव यह तीनों यात्रा लेखन के मुख्य भाग है। उन्होनें छात्रो को सलाह देते हुए कहा कि यात्रा लेखन की मौलिकता के लिए वहां की संस्कृती, इतिहास, भौगिलिक स्थिती, अर्थव्यवस्था, लोगों को, व्यवसाय, पर्यावरण को जानें, अपनी फोटोग्राफी की क्षमता को विकसित करें। उन्होनें कहा कि अपने पाठकों को समझेें, लेखन से पहले तथ्यों कों चेक करें और कभी भी भावनात्मक रूप से जुड़ कर किसी संवेदनशील विषय पर ना लिखें। वर्चुअल पर्यटन ने नई अवधारणा को विकसित किया है इसलिए तकनीकी से जुड़े रहे।

प्रसिद्ध अंर्तराष्ट्रीय यात्रा और भोजन लेखक और फोटोग्राफर श्रीमती सुशीला नायर ने यात्रा लेखन की चुनौतियों को बताते हुए कहा कि यात्रा लेखन करने वाले व्यक्ति को यात्रा से प्रेम होना चाहिए, रोमांच के लिए उत्साह होना चाहिए और नई संस्कृतियों को जानने की उत्कृंठा होनी चाहिए। आपको नये स्थानों की खोज करते हुए लोगों से मुलाकात करनी चाहिए, विवरण पर नजर रखनी चाहिए और स्वंय के अदंर यात्रा लेखन और फोटोग्राफी की क्षुधा होनी चाहिए। श्रीमती नायर ने कहा कि यात्रा से पूर्व शोध आवश्यक है, अधिकारिक पर्यटक वेबसाइटों, पर्यटन बोर्ड, पर्यटन मेले या प्रदर्शनी से सूचना प्राप्त करें। इसके साथ रहने के स्थान होटल, दुकानों, यात्रा के तरीके की जानकारी होना आवश्यक है। उन्होनें कहा कि यात्रा लेखन में रिर्सोट, होटल, रेस्टोरेंट सहित वहां के आर्किटेक्चर, सुविधाओं, भोजन और पर्यावरण की अनुकूल विशेषताओं का अपने अनुभव के आधार पर विवरण लिखें। अगर किसी मैगजीन के लिए लिख रहे तो उनकी गाइडलाइन आदि की जानकारी होना आवश्यक है। साधारण शब्दों में लिखें, लंबे वाक्यो से परहेज करें, लिखें, पुन‘ः लिखे और शब्दों को चमकायें। अपने लेखन को रूचिकर तथ्यों के साथ प्रस्तुत करें। अपने लेख को जांच सूची ना बनाये और तथ्यांें का पुनः जांच लें। अपने यात्रा लेखों को अखबारों के पर्यटन सेक्शन, गाइड बुक, मैगजीन या विशेष रूचि वाली मैगजीन को भेज सकते है अपने सोशियल मीडिया पर साझा कर सकते है या डिजिटल मीडिया जैसे ब्लाग, ट्रैवेल पोर्टल आदि साझा कर सकते है। उन्होनें यात्रा लेखन की चुनौतियों में खराब मौसम, जानकारी प्राप्त करना, प्रतियोगिता आदि के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की।

एमिटी विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर डा (श्रीमती) बलविंदर शुक्ला ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि कोविड ने सभी उद्योगों के साथ पर्यटन और अतिथि सेवा को भी प्रभावित किया है लेकिन वही दूसरी ओर नये अवसरो ंके द्वार प्रारंभ किये है। हमे ंपूर्ण विश्वास है कि यह छह दिवसीय कार्यक्रम छात्रों के कौशल विकास में सहायक होगा। महामारी के दौरान लोग जब यात्रा नही कर रहे थे तो लोगो ने वर्चुअल यात्राओं से देशों के संस्कृतियों, रहन सहन, खान पान की जानकारी प्राप्त की। यात्रा ब्लागिंग अनुभव प्राप्त करने का बेहतरीन माध्यम है जो किसी भी स्थान के भौगोलिक, समाजिक, ऐतिहाासिक, दर्शन आदि को जानने का मौका प्रदान करता है। पर्यटन और अतिथि सत्कार क्षेत्र का भविष्य उज्जवल है। उन्होनें छात्रों से कहा कि इस छह दिवसीय कार्यक्रम में आये अतिथियों के अनुभव का लाभ उठायें।

एमिटी विश्वविद्यालय के फैकल्टी आॅफ हाॅस्पीटैलिटी एंड टूरिस्म के डीन डा मनोहर सजनानी ने कहा कि 11 से 16 जून तक चलने वाले इस व्यवसायिक कौशल विकास कार्यक्रम में विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा विषय पर जानकारी प्रदान की जायेगी जो हम सभी के साथ यात्रा लेखन, यात्रा ब्लागिंग या यात्रा पत्रकारिता के क्षेत्र में कैरियर बनाने वाले छात्रों के लिए अवश्य लाभप्रद होगी। इस छह दिवसीय कार्यक्रम में देश के 80 और विदेश के 3 विश्वविद्यालयों से 1000 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

इस अवसर पर प्रतिभागियो ने विशेषज्ञों से कई प्रश्न किये जिन्हे उनके जवाब प्राप्त हुए।

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