कृषकों को गेहूं विक्रय करने से पूर्व करना होगा खाद्य विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण।

फेस वार्ता :-

सरकार की गेहूं क्रय नीति का लाभ जनपद के सभी किसानों तक पहुंचाने के उद्देश्य से 28 गेहूं क्रय केन्द्र स्थापित।

गौतमबुद्धनगर :-

जनपद में सरकार की गेहूं क्रय नीति का लाभ जनपद के सभी किसानों तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी सुहास एल.वाई. के नेतृत्व में संबंधित विभागीय अधिकारियों के द्वारा अपनी कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है। ज्ञातव्य हो कि जिलाधिकारी सुहास एल.वाई. के द्वारा संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि जनपद में स्थापित किए गए 28 गेहूं क्रय केंद्रों पर सोशल डिस्टेंसिंग एवं अन्य सुविधाओं को उपलब्ध कराते हुए किसानों की गेहूं की खरीद निरंतर रूप से सुनिश्चित की जाए ताकि जनपद के सभी किसानों को सरकार की गेहूं क्रय नीति का लाभ प्राप्त हो सके। उन्होंने जनपद में स्थापित किये गये 28 क्रय केन्द्रों के सम्बन्ध में विस्तारपरक रूप से जानकारी देते हुये बताया कि 28 क्रय केंद्रों में 4 खाद्य विभाग की विपणन शाखा, 22 पी0सी0एफ0 तथा 02 भा0खा0नि0 के है। स्थापित किये गये केन्द्रोें में से दादरी तहसील में 07, सदर तहसील 08 तथा जेवर तहसील में 13 गेहूं क्रय केन्द्र स्थापित किये गये है।
उन्होंने कहा है कि सरकार के द्वारा किसानों को गेहूं क्रय नीति के अंतर्गत न्यूनतम समर्थन मूल्य 1975 रुपए प्रति कुंतल की दर से धनराशि उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार की गेहूं के नीति का लाभ उठाने के लिए किसानों को गेंहू विक्रय करने से पूर्व खाद्य विभाग के पोर्टल www.fcs.up.gov.in पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया जाना अनिवार्य है। खाद्य विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण की प्रक्रिया दिनांक 01 मार्च, 2021 से प्रारम्भ की जा चुकी है, जिस पर पंजीकरण के बाद किसान द्वारा गेेहूं विक्रय करते समय सम्बन्धित प्रपत्र जैसे पंजीकरण प्रपत्र, आधार कार्ड, बैंक पास बुक की छायाप्रति आदि गेहूं क्रय केन्द्र प्रभारी को उपलब्ध कराने होंगे। उन्होंने बताया कि अब तक कुल 990 कृषकों द्वारा पंजीकरण कराया जा चुका है और कृषि विभाग द्वारा गेहूं विक्रय करने के लिए 71406 कृषकों को एस0एम0एस0 के माध्यम से सूचना प्रेषित की गयी है। क्रय नीति में दी गयी व्यवस्था के अनुसार मूल्य समर्थन योजना के तहत रबी विपणन वर्ष 2021-22 में गेहूं खरीद व्यवस्था के अन्तर्गत गेहूं क्रय केन्द्रों पर मानक के अनुरूप गेहूं न आने एवं कृषक के सन्तुष्ट न होने की स्थिति में क्षेत्रीय विपणन अधिकारी की अध्यक्षता में रिजेक्शन कमेटी का गठन किया गया है, जो विलम्बतम 48 घंटे में कृषक के सम्मुख विश्लेषण कर निर्णय लेगी। उन्होंने यह भी बताया कि रबी विपणन वर्ष 2021-22 मंे जो क्रय केन्द्र मण्डी परिसर में वाहर स्थापित किये गये है, उनका सम्बद्धीकरण राजस्व ग्रामों से किया जा रहा है एवं जो क्रय केन्द्र मण्डी परिसर में स्थापित है, उनको सम्बद्धीकरण से मुक्त रखा गया है। वहाॅ पर कोई भी कृषक अपना गेहूं विक्रय कर सकता है। जिला कृषि अधिकारी गौतमबुद्धनगर द्वारा उपलब्ध करायी गयी सूचना के अनुसार रबी विपणन वर्ष 2021-22 में गेहूं की उत्पादकता एवं सम्भावित उत्पादन प्रति है0 45 कु0 है, जो कि गत वर्ष 42.35 कु0 प्रति है0 थी।
उन्होंने कृषि विभाग व अन्य सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों को निर्देश देते हुये कहा है कि किसानों में सरकार की गेहूं क्रय नीति का अधिकतम लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से व्यापक प्रचार प्रसार सुनिश्चित किया जाए ताकि सभी किसान अपना रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन करा कर अपने गेहूं की बिक्री कर सकें।

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