एमिटी विश्वविद्यालय में नवाचार एवं विघटनकारी कंप्यूटिंग प्रौद्योगिकियां पर आॅनलाइन अंर्तराष्ट्रीय शिक्षक विकास कार्यक्रम का शुभारंभ

फेस वार्ता/ भारत भूषण शर्मा 04, 2021
औद्योगिक कार्य में ड्रोन द्वारा परिवर्तन पर व्याख्यान सत्र का आयोजन
शिक्षकों के विकास के लिए एमिटी इंस्टीटयूट आॅफ इन्फोर्मेशन टेक्नोलाॅजी द्वारा ‘‘ नवाचार एवं विघटनकारी कंप्यूटिंग प्रौद्योगिकियां विषय पर पांच दिवसीय आॅनलाइन अंर्तराष्ट्रीय शिक्षक विकास कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस आॅनलाइन अंर्तराष्ट्रीय शिक्षक विकास कार्यक्रम का शुभांरभ बंाग्लादेश के यूनिवर्सीटी आॅफ लिबरल आर्टस के कंप्यूटर साइंस एंड इंजिनियिरिंग के प्रमुख प्रो सैयद अख्तर हुसैन द्वारा किया गया।

इस अवसर पर एमिटी इंस्टीटयूट आॅफ इन्फोर्मेशन टेक्नोलाॅजी के निदेशक डा अजय राणा और एमिटी इंस्टीटयूट आॅफ इन्फोर्मेशन टेक्नोलाॅजी की उपनिदेशिका डा लक्ष्मी अहूजा द्वारा किया गया। इस शिक्षक विकास कार्यक्रम में देश विदेश के सैकड़ो शिक्षकों द्वारा हिस्सा लिया गया।

आॅनलाइन अंर्तराष्ट्रीय शिक्षक विकास कार्यक्रम का शुभांरभ बंग्लादेश के यूनिवर्सीटी आॅफ लिबरल आर्टस के कंप्यूटर साइंस एंड इंजिनियिरिंग के प्रमुख प्रो सैयद अख्तर हुसैन ने ‘‘ औद्योगिक कार्य में ड्रोन कैसे परिवर्तन कर रहे है’’ विषय पर जानकारी देते हुए कहा कि बिना व्यक्ति के संचालित होने वाले हवाई वाहन को ड्रोन कहते है और यह बिना मानव पाइलट के उड़ान भरता है। प्रो हुसैन ने कहा ड्रोन विभिन्न आकार और कार्य क्षमता के अनुसार कई प्रकार के होते है। मुख्यत: ड्रोन दो प्रकार के होते है प्रथम एम क्यू 9 रिपर और द्वितीय डेजेआई फैंटम यूएवी। एम क्यू 9 रिपर एक शिकारी निगरानी करने वाले यूएवी होते है जिनका उपयोग सेना एवं विशेष कार्यो के लिए किया जाता है वही डेजेआई फैंटम यूएवी एक व्यवसायिक एवं हवाई फोटोग्राफी करते है। उन्होने कुछ अन्य तरह के ड्रोन जैसे माइक्रो यूएवी, बायोमामेटिक यूएवी और ब्लीमस एवं बैलून के बारे में जानकारी प्रदान की। प्रो हुसैन ने कुछ केसों में ड्रोन के कार्यो को बताते हुए कहा कि कृषि कार्य में खेतों की निगरानी, सेतु के निगरानी और निर्माण कार्य में कार्य के विकास में हो रहा है। उन्होनें औद्योगिक कार्यो में ड्रोन के उपयोग के महत्व को बताते हुए कहा कि ड्रोन का उपयोग हवाई निगरानी के लिए हो रहा है जिसमें विशेषकर पावर लाइन नेटर्वक की निगरानी जिससे क्षतिग्रस्त क्षेत्र की जानकारी जुटा कर उसे ठीक कर दिया जा सके। इसके अतिरक्त अन्न या वस्तु भंडारण की निगरानी जिससे उन्हे खराब होने से बचाया जा सके, योजना एवं नई कार्यक्षेत्र के निर्माण के लिए थ्री डी मैपिंग का विकास और गैस रिसाव की निगरानी से बड़े हादसों को रोका जा सकता है। ड्रोन का उपयोग ट्रैफिक नियंत्रण और निर्णय लेने सहित 24 घंटे संचालित होने वाले विद्युत उपकरणों, थर्मल और यूवी कैमरा पर निगरानी रखने के लिए किया जा रहा है।

डा हुसैन ने ड्रोन एप्लीकेशन आकिटेक्ट के संर्दभ में बताते हुए कहा कि ड्रोन का उपयोग ग्राहक के व्यापारिक संपत्ती की सुरक्षा, मौसम संबधित डाटा, ग्राहक प्रणाली एवं प्रक्रिया जैसे प्रणाली प्रबंधन, संपत्ती प्रबंधन, क्षेत्र प्रबंधन, स्टाक प्रबंधन, सूचना एकत्र करने के सहित डाटा विश्लेषण और व्यापारिक विश्लेषण के लिए किया जा रहा है। उन्होनें कहा कि ड्रोन आधारित सेंसर के क्षेत्र में शोध एवं विकास से औद्योगिक कार्य को बढ़ावा मिलेगा। स्थायीत्व ड्रोन औद्योगिक कार्य के लिए कम पावर प्रबंधन मुख्य चाबी है और इस पर शोध को बढ़ावा देना होगा। ड्रोन के औद्योगिक कार्य के मापनीय संरचना को एकीकृत करना होगा।

एमिटी इंस्टीटयूट आॅफ इन्फोर्मेशन टेक्नोलाॅजी के निदेशक डा अजय राणा ने अतिथियों एवं शिक्षकों का स्वागत करते हुए कहा कि एमिटी में हम शिक्षकों को समय समय पर अपडेट करने के लिए शिक्षक विकास कार्यक्रम का आयोजन करते है। हमारे एमिटी शिक्षण समूह के संस्थापक अध्यक्ष डा अशोक कुमार चौहान का मानना है कि छात्रों को नवीनतम जानकारी प्रदान करने के लिए समय समय पर स्वंय को अपडेट रखना आवश्यक है। डा राणा ने कहा कि शिक्षकों और छात्रों के सशक्तीकरण के लिए नवाचार एवं प्रौद्योगिकीयां पर इस शिक्षक विकास कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।

इस अवसर पर एमिटी इंस्टीटयूट आॅफ इन्फोर्मेशन टेक्नोलाॅजी की डा सारिका और डा मयंक सहित कई शिक्षकगण उपस्थित थे।

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