एनआईईटी ग्रेटर नोएडा में ‘डाटा साइंस’ विषय पर एआईसीटीई प्रायोजित छह दिवसीय अल्पकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ।

एनआईईटी ग्रेटर नोएडा के सूचना तकनीक विभाग के द्वारा अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद से प्रायोजित ‘डाटा साइंस’ विषय पर छ: दिवसीय अल्पकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्रीमती नीलिमा कटियार, माननीय राज्यमंत्री उच्च शिक्षा तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, उत्तर प्रदेश सरकार, डॉ आरती नूर, वरिष्ठ निदेशक सी-डैक,  रमन बत्रा-कार्यकारी उपाध्यक्ष एनआईईटी, प्रवीण सोनेजा, महानिदेशक, डॉ विनोद एम कापसे, निदेशक,  डॉ प्रवीण पचौरी, निदेशक (परियोजना एवं नियोजन), डॉ कुमुद सक्सेना, विभागाध्यक्ष, संकाय सदस्य तथा प्रतिभागियों की उपस्थिति में हुआ । कार्यक्रम में मुख्य अतिथि माननीय श्रीमती नीलिमा कटियार, राज्यमंत्री उच्च शिक्षा तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने उद्बोधन में एनआईईटी के द्वारा आयोजित इस अल्पकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रम की सराहना की तथा कहा कि वर्तमान समय में डाटा ही पूंजी का दूसरा स्वरूप है। उन्होंने आगे कहा जिस प्रकार से कोविड-19 हमें आपदा में अवसर तलाशने का मौका दिया है हमें उसका पूरा दोहन करना चाहिए। उन्होने कहा कि इस प्रकार यदि हम सभी भारतवासी एकजुट हो जाएंगे तो हमारे माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के सपने को तो निश्चित ही साकार कर पाएंगे अपितु भारत को पुनः विश्व गुरु की पदवी पर पुनर्स्थापित कर पाएंगे। उन्होंने प्रतिभागियों को विशेष रूप से समग्रता में संसाधनों के उपयोग पर बल दिया । माननीय मंत्री महोदया ने अध्यापकों को कार्यक्रम की आवश्यकता समझाते हुए कहा कि भारत के विकास की यह यात्रा बहुत लम्बी है, इसलिए हम जितना तकनीकी रूप से आगे होंगे उतना जल्दी ही हम भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सपनो को पूरा करने की दिशा में बढ़ सकते हैं ।  आज के युग में डाटा एक सामर्थ है, संसाधन है और सम्पदा है ।  आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को साकार करने के लिए आवश्यक है कि हम हर युवा के कौशल को निखार कर उसे मूल्यवान बनाएं । जिसके लिए इंडस्ट्री, शिक्षा संस्थान और स्टार्टअप कंपनियों का संयोजन आवश्यक है ।

रमन बत्रा-कार्यकारी उपाध्यक्ष एनआईईटी ने कहा की एनआईईटी नवाचार आधारित शिक्षा के माध्यम से भविष्य के सक्षम, समर्थ एवं कुशल पेशेवरों के सृजन के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आगे कहा कि तकनीक के इस बदलते हुए दौर में हमें नई प्रौद्योगिकियों एवं विचारों के माध्यम से समस्याओं के हल ढूंढने होंगे जिससे हम राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान सुनिश्चित कर सकें। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ विनोद एम कापसे-निदेशक एनआईईटी के स्वागत उद्बोधन से हुआ। महानिदेशक श्री प्रवीण सोनेजा ने सूचना तकनीक विभाग के इस कदम की सराहना की। डॉ कुमुद सक्सेना-विभागाध्यक्ष-सूचना तकनीक विभाग ने विषय प्रवर्तन किया। कार्यक्रम के अंत में डॉ प्रवीण पचौरी, निदेशक (परियोजना एवं नियोजन) ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया एवं सभी के प्रति अपना आभार व्यक्त किया। 

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