महामारी की इस घड़ी में जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग एवं समस्त प्राधिकरण मिलकर टीम भावना के साथ कर रहें है अपने अपने कार्य।

जनपद में कोविड-19 को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वर्तमान तक किये गये कार्य। 

गौतमबुद्धनगर 22 अगस्त, 2020
*जनपद में कोविड-19 महामारी को दृष्टिगत रखते हुए उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में सभी जनपद वासियों को कोरोना वायरस के संक्रमण से सुरक्षित करने के उद्देश्य से कोविड-19 के नोडल अधिकारी नरेंद्र भूषण, पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह एवं जिलाधिकारी सुहास एल.वाई. के नेतृत्व में विभिन्न स्तर पर कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है। एक पटल पर कोरोना से संबंधित सभी समस्याओं का निराकरण संभव हो सके इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए जिला प्रशासन की ओर से इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम का संचालन किया जा रहा है। कंट्रोल रूम के नंबर 1800 419 2211 पर प्रतिदिन लगभग 400 कॉल्स कोविड-19 को लेकर प्राप्त हो रही हैं। जन सामान्य के द्वारा कोरोना महामारी को लेकर अपनी समस्याएं संबंधित कंट्रोल रूम नंबर पर दर्ज कराई जा रही हैं। जिला प्रशासन, पुलिस, प्राधिकरण के अधिकारी गण, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी गण तथा अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों के द्वारा प्राप्त शिकायतों का निराकरण प्रतिदिन बहुत ही गंभीरता के साथ सुनिश्चित किया जा रहा है ताकि सभी जनपद वासियों को कोरोना वायरस के संक्रमण से सुरक्षित बनाया जा सके।* *जिलाधिकारी सुहास एल0वाई0 ने वर्तमान तक कोविड-19 को दृष्टिगत रखते हुये जनपद वासियों को संक्रमण से बचाने के उद्देश्य से किये कार्यो की विस्तारपरक रूप से जानकारी देते हुये बताया कि कोरोना से संक्रमित व्यक्तियों को तत्काल मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जनपद में 108 हैल्प लाइन की 27 एम्बुलेंस है, जिसमें 23 एम्बुलेंस की डयूटी कोविड-19 के मरीजों के लिए लगाई गयी है और 2 सरकारी एम्बुलेंस को बैकअप के तौर पर रिजर्व में रखा गया है। जिसका उपयोग आवश्यकतानुसार किसी एम्बुलेंस के खराब होने पर किया जाता है। उन्होंने बताया कि जनपद में कोविड-19 के 13 अस्पताल है, जिसमें से 7 सरकारी व 6 प्राईवेट अस्पताल है, जिसमे 7 सरकारी अस्पतालों में एल-1 श्रेणी में 1430 बेड तथा 6 प्राइवेट अस्पताल में एल-1 श्रेणी में 100 बेड की व्यवस्था की गयी है। इसी प्रकार एल-2 श्रेणी में 280 आॅक्सीजन युक्त बेड तथा प्राईवेट अस्पताल में एल-2 श्रेणी में 260 आॅक्सीजन युक्त बेड की व्यवस्था की गयी है तथा एल-2 श्रेणी में 40 आई0सी0यू0 बेड तथा प्राईवेट अस्पताल में एल-2 श्रेणी में 50 आई0सी0यू0 बेड की व्यवस्था की गयी है व एल-3 श्रेणी में 34 आॅक्सीजन युक्त बेड एवं एल-3 श्रेणी में 20 आई0सी0यू0 बेड की व्यवस्था तथा समस्त श्रेणियों में 750 अन्य बेड की व्यवस्था सुनिश्चित की गयी है। जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि विगत दिनाॅक 8 अगस्त, 2020 को उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा 344 करोड रूपये़ की लागत से तैयार कोविड अस्पताल का उद्घाटन किया गया है, जिसमें आने वाले समय में 400 बेड की होगी व्यवस्था।

जिलाधिकारी सुहास एल0वाई0 ने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री जी के द्वारा दिये गये निर्देशों का पालन करते हुये जनपद में होम आईसोलेशन की सुविधा भी उपलब्ध करायी जा रही है, जिसके चलते वर्तमान तक जनपद में 141 कोरोना के मरीजांे को होम आईसोलेट किया गया है, उन्हें शीघ्र स्वस्थ बनाए जाने के संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा मरीजों से लगातार फोन व वीडियों काॅल के माध्यम से वार्ता करते हुए इलाज एवं उन्हें प्राप्त हो रही सुविधाओं की जांच निरंतर रूप से सुनिश्चित करने की कार्रवाई संबंधित अधिकारियों के द्वारा समय समय पर की जाती है। उन्होंने बताया कि जनपद में अभियान चलाकर सभी कोरोना संक्रमित व्यक्तियों की खोज करते हुए उन्हें आइसोलेशन की सुविधा तत्काल प्रभाव से सुनिश्चित कराई जा रही है ताकि जनपद में कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। इसके लिए अधिकारियों के माध्यम से व्यापक स्तर पर कैंप आयोजित करते हुए एंटीजन किट के माध्यम से कोरोना टेस्टिंग की जा रही है,  वही गुणवत्ता परक रूप से टेस्टिंग करते हुए चयनित व्यक्तियों को तत्काल इलाज संभव कराने की कार्रवाई संबंधित अधिकारियों के द्वारा सुनिश्चित जा रही है। जिलाधिकारी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के द्वारा डोर टू डोर जाकर जो सर्विलेंस अभियान संचालित किया जा रहा है उसके अंतर्गत जहां पर भी कोरोना संक्रमित लक्षण प्राप्त होते है ऐसे व्यक्तियों की तत्काल टेस्टिंग कराते हुए उन्हें इलाज उपलब्ध कराने की कार्रवाई निरंतर रूप से अधिकारियों के द्वारा सुनिश्चित करायी जा रही है। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद गौतमबुद्धनगर में कोविड-19 को कंट्रोल करने के लिए स्वास्थ विभाग की 12 टीमों का गठन किया गया जिनके सहयोग के लिए प्रशानिक अधिकारियो को भी टीमों के साथ नियुक्त किया गया है, गठित टीमों के द्वारा प्रतिदिन किये कार्याे का शाम को 10 बजे मेरे द्वारा अनुश्रवण करते हुये फीडबैक ली जाती है। एंटीजन टेस्ट के वर्तमान तक 103175 व आर0टी0-पी0सी0आर0 टेस्ट के लिए 60338 तथा ट्रयूनेट टेस्ट के लिए 3381 व्यक्तियों के सैंपल लिये जा चुके है।*
 *जिलाधिकरी सुहास एल0वाई0 ने बताया कि जनपद में वर्तमान तक कुल 281 कन्टेन्मेट जोन है, जिसमंे प्रतिदिन डोर टू डोर जाकर सर्विलेंस अभियान संचालित करते लगभग 1500 व्यक्तियों के सैंपल जाॅच के लिए लिये जाते है और जनपद के सभी सरकारी व प्राईवेट संस्थानों में कोरोना हैल्प डेस्क की स्थापना भी की गयी, जिस हैल्प डेस्क के माध्यम से प्रतिदिन कार्यालय में आने वाले आगन्तुको का तापमान की जाॅच की जाती है और उनको सेनेटाइज कराया जाता है उसकेे बाद ही कार्यालय  में प्रवेश दिया जाता है, ताकि कोरोना सक्रंमण को रोका जा सकें। उन्होंने यह भी बताया कि कोविड-19 महामारी को दृष्टिगत रखते हुए जनपद वासियों को कोरोना वायरस के संक्रमण से सुरक्षित करने तथा कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोकने के उद्देश्य से जनपद में जहां पर नए कंटेनमेंट जोन बनाए जा रहे हैं, वहां पर वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के उद्देश्य से तत्काल प्रभाव से कार्यवाही सुनिश्चित करते हुए सैनिटाइजेशन का कार्य सुनिश्चित किया जा रहा है और आमजन को कोविड-19 के संक्रमण के बचाने के लिए डीएम वाॅर रूम के माध्यम से समय समय पर जिला प्रशासन के द्वारा एडवाईजारी जारी की जाती है, जोकि वाॅर रूम के माध्यम से शहरी व ग्रामीण क्षेंत्रो में सभी व्यक्तियों तक पहुॅच जाती है।*
*जिलाधिकारी सुहास एल0वाई0 ने जानकारी देते हुये बताया कि जनपद गौतबुद्धनगर में अब तक कुल 7000 संक्रमित मरीज पाये गये है, जिसमें अब तक 6144 मरीजों को ठीक करके डिस्चार्ज कर दिया गया है और वर्तमान में 813 सक्रिय मरीजों की संख्या है। जनपद मे कुल 43 मरीजों की मृत्यु हुयी है। उन्होंने यह भी बताया कि पूर्ण लाॅकडाउन की अवधि में कुल 33 आश्रय स्थल सक्रिय थें, जिनमें से 21 आश्रय स्थलों में कुल 4197 लोग आये व गये एवं शासन द्वारा उपलब्ध करायी गयी धनराशि के क्रम में जनपद मंे 38017 कच्ची खाद्य सामग्री किट का वितरण किया गया एवं पूर्ण लाॅकडाउन की अवधि में प्रवासी 80129 श्रमिकों/व्यक्तियों को ट्रेन के माध्यम से एवं 27105 श्रमिकों/व्यक्तियों को बस के माध्यम से उनके घरो तक भेंजा गया।*

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