जीएल बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट ग्रेटर नोएडा में एमसीए(MCA) विभाग द्वारा तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन |

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आज हर राष्ट्रीय ड्रोन इत्यादि खतरों से जूझ रहा है और आज के समय में इस तरह की समस्याओं के निदान हेतु सस्टेनेबल सॉल्यूशंस की आवश्यकता है क्योंकि भविष्य में ड्रोन से हमलों का खतरा बढ़ने की संभावना है:एसएस चाहर

ग्रेटर नोएडा– जीएल बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट ग्रेटर नोएडा में एमसीए(MCA) विभाग द्वारा तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया| सम्मेलन का विषय कंप्यूटेशनल इंटेलिजेंस एंड सस्टेनेबल इंजीनियरिंग सलूशन था | 20 मई – 21 मई 2022 आयोजित इस तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय में देश विदेश से आए करीब 400 लोग सम्मिलित हुए |

सम्मेलन का आयोजन हाइब्रिड मोड में हुआ, जहां ऑनलाइन तथा ऑफलाइन दोनों ही तरीकों से प्रतिभागियों ने शिरकत की इस सम्मेलन के लिए 343 रिसर्चस ने अपने रिसर्च पेपर प्रेषित किए जिनमें से गहन चयन प्रक्रिया प्रक्रियाओं के बाद 129 पेपर को एक्सेप्ट किया गया तथा तीन दिवसीय कांफ्रेंस में तीन विभिन्न ट्रक का आयोजन करके 105 पेपर प्रजेंट किए गए स इस कार्यक्रम के इनॉग्रल सेशन में 20 मई को मुख्य अतिथि के रूप में एकेटीयू के वाइस चांसलर प्रोफेसर डॉ प्रदीप कुमार मिश्रा ने ऑनलाइन मोड में अपनी मौजूदगी दर्ज करवाई, उन्होंने रिसर्च को बढ़ावा देने हेतु संस्थान की भूरी भूरी प्रशंसा की साथ ही उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों के लिए रिसर्च क्षेत्र में आगे आना अति आवश्यक हैस इस कांफ्रेंस के विषय पर टिप्पणी देते हुए उन्होंने कहा कि सस्टेनेबल सॉल्यूशंस के लिए कंप्यूटेशनल इंटेलिजेंस मील का पत्थर साबित हो सकती है अपने संबोधन को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा की रिसर्च के साथ ही साथ यह आवश्यक है कि हम मानव मूल्यों को रिसर्च में जोड़ते हुए आगे बढ़ाएं |

सम्मेलन के गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में एसएस चाहर एक्स डायरेक्टर जनरलए बीएसएफ ने शिरकत की चाहर ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय सुरक्षा हेतु किस तरह सस्टेनेबल सॉल्यूशंस को इस्तेमाल किया जाए, विषय पर प्रकाश डाला | उन्होंने कहा कि आज हर राष्ट्रीय ड्रोन इत्यादि खतरों से जूझ रहा है और आज के समय में इस तरह की समस्याओं के निदान हेतु सस्टेनेबल सॉल्यूशंस की आवश्यकता है क्योंकि भविष्य में ड्रोन से हमलों का खतरा बढ़ने की संभावना है|
संस्थान के वाइस चेयरमैन पंकज अग्रवाल ने उपस्थित जन को संबोधित करते हुए कहा कि आज कंप्यूटर मानव जीवन की हर एक पहलू में किसी न किसी रूप में मौजूद है इसीलिए यह अत्यंत आवश्यक हो गया है कि कंप्यूटर के अंदर अब मानव जैसे गुणों दया, ममता प्यार हमदर्दी इत्यादि को विकसित किया जाए |

आयोजन के पहले दिन स्पेन से आए डॉक्टर कारल्लस ट्रेवीसो , यूनिवर्सिटी ऑफ Las Palm Canara ने कीनोट संबोधन दिया| उन्होंने बताया कि किस तरह पाइथन लैंग्वेज इमोशन डिटेक्शन के ऊपर काम करके एफिशिएंट प्रोग्राम बना सकती है | वही यूनिवर्सिटी ऑफ केंट यूनाइटेड किंग्डम से आए स्कूल ऑफ कंप्यूटिंग के प्रोफेसर डॉक्टर फ्रेंड ने अपने संबोधन में कहा की किस तरह कंप्यूटर में क्लाउड कंप्यूटिंग और बिग डाटा का इस्तेमाल करके मानव जैसे गुणों को विकसित किया जा सकता है,अपने करीब 1 घंटे के संबोधन में उन्होंने क्वांटम कंप्यूटिंग की उपयोगिता का विस्तृत वर्णन किया इनॉग्रल सेशन का समापन एमसीए की अध्यक्ष डॉक्टर प्रोफेसर मधु गौर ने किया सउन्होंने सभी उपस्थित जन का आभार व्यक्त किया तथा छात्रों से भी बढ़.चढ़कर रिसर्च में हिस्सा लेने का आह्वान किया इस कार्यक्रम की शुरुआत संस्थान के निदेशक डॉक्टर प्रोफेसर राजीव अग्रवाल के संबोधन से हुई | वही कार्यक्रम के दूसरे दिन रोमानिया से आए प्रोफेसर वैलेंटिना बालस ने आई ट्रिपल ई सीएसआई इनिशिएटिव के बारे में बताया तथा उपस्थित जन को रिसर्च क्षेत्र में आगे बढ़ने का आवाहन किया | साउथ अफ्रीका से आए प्रोफेसर अलीशा पिल्ले ने मशीन लर्निंग एंड ऑप्टिमाइजेशन फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट पर प्रकाश डाला,
कार्यक्रम में महिला researchers को प्रमोट करने के लिए एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया इस सेशन में छात्राओं को उन सभी स्कीम के बारे में भी बताया गया जहां महिलाओं को विशेष तौर पर रिसर्च संबंधित सुविधाएं प्रदान की जाती है| कार्यक्रम के अंतिम दिन सीनियर researcher डॉक्टर एमडी रेड्डी, वर्तमान में मोंट्रियल एकनाडा के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस एनर्जी स्टोरेज एंड ट्रांसपोर्टेशन इलेक्ट्रिफिकेशन डिपार्टमेंट में कार्यरत हैं, ने उपस्थित उपस्थित जन को संबोधित किया | उन्होंने एडवांसेज ऑन मैटेरियल फॉर रिन्यूएबल टेक्नोलॉजी एंड सस्टेनेबिलिटी पर प्रकाश डाला उन्होंने नैनो टेक्नोलॉजी से संबंधित अपनी रिसर्च के कई रोचक प्रसंगों का जिक्र किया
कार्यक्रम का अंत कॉन्फ्रेंस की कन्वीनर डॉ मधु गौर और डॉक्टर संजीव कुमार के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ ।

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