जैव प्रौद्योगिकी विभाग” ने दो दिवसीय अन्तराष्ट्रीय सम्मेलन “बायोट्रेंडज़ टेक्नोलॉजिकल एडवांसमेंट एंड चैलेंजेस इन बायोटेक्नोलॉजी” का शुभारम्भ |

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नोएडा इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी ”  हर साल  छात्रों को  कुछ विशेष करने का मौक़ा प्रदान कराता है ।  इसी संदर्भ में “कॉलेज” के “जैव प्रौद्योगिकी  विभाग” ने दो दिवसीय अन्तराष्ट्रीय सम्मेलन “बायोट्रेंडज़ टेक्नोलॉजिकल एडवांसमेंट एंड चैलेंजेस इन बायोटेक्नोलॉजी” का शुभारम्भ  आज से करा । जिसमे देश के  अलग- अलग संस्थान के छात्र एवं छात्राओं ने प्रतिभाग किया है

 साथ ही साथ देश – विदेश के तमाम वैज्ञानिक  शामिल रहे । जिन्होंने अपने उदबोधन मे छात्रों की प्रगति और प्रौद्योगिकी के मौलिक मूल्यों पर प्रकाश डाला। जिसके मुख्यातिथि माननीय वाईस चांसलर  डॉ आर के सिन्हा जी  (  (गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी) , डॉ प्रवीन पचौरी जी रहे। कार्यक्रम का  उद्घाटन सरस्वती वंदना के साथ प्रारम्भ हुई उसके बाद हुई देश के विख्यात वैज्ञानिक “डॉ  आर.के सिन्हा” जी   ने अपने सम्बोधन में कॉलेज फ़ैकल्टी मेंबर और इस  प्रयोजन की सराहना करते हुए आधुनिक युग में देश की औद्योगिक जरूरतों से छात्रों को परिचित कराया । उन्होंने जैव प्रौद्योगिकी के विषय पर बताया कि कैसे जैव प्रौद्योगिकी ने  विश्व के कई देशों में जीवन के आयाम ही बदल दिए हैं  उत्पादन कई गुना बढ़ा दिया है साथ ही प्रयोग विशेष के अनुसार सब्जियां और फल पैदा कैसे किया जा रहे हैं  , रक्त की एक मात्र बूँद से इस किसी मनुष्य  जीवन में होने वाली बीमारियां पता कर सकते हैं  ।

 स्वदेशी विज्ञान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हमें यह समझना होगा कि देश में जो भी विकास अभी तक हुआ है उसका मूल अंश स्वदेशी विज्ञान है , वह वास्तव में स्वदेशी के आधार पर ही हुआ है और आगे भी इसी आधार पर होता रहेगा । वही डॉ प्रवीण पचौरी ने प्रतिभागियों को जैव   प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में देश में हो रहे  विकाश एवं अंतः विषय अनुशंधानों से परिचित कराया

  उन्होंने संस्थान में छात्रों द्वारा किये जा  रहे  शोधों पर प्रकाश डाला और बाहर से आये वैज्ञानिकों से  देशहित में आपसी सहयोग कर संसाधन को बढ़ाने की अपील की । जिसे जेएनयू के जैव   प्रौद्योगिकी संस्थान  के वरिष्ठ  वैज्ञानिक डॉ प्रो पवन धर ने सहर्ष स्वीकार किया और जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सभी उभरते शोधकर्ताओं को तकनीकी विशेषज्ञता की अहमियत समझाई ।संस्थान के ई.वी.पी ‘रमन बत्रा ” जी ने प्रतिभागियों को  जैव प्रौद्योगिकी की विविधताओं से प्रतिभागियों को अवगत कराया । उन्होंने विदेशों में इस क्षेत्र में किये जा रहे प्रयोगों  के विषय में प्रतिभागियों को जागरूक  किया। सम्मेलन का आयोजन संस्थान में  जैव प्रौद्योगिकी विभाग की हैड  डॉ रश्मि मिश्रा द्वारा किया गया उन्होंने सभी वैज्ञानिकों को  देश और विज्ञान  के लिए एवं छात्रों  के विकाश के लिये समय देने के धन्यवाद किया। साथ ही साथ जैव   प्रौद्योगिकी के मूल्यों के प्रभाव का विश्लेषण करते हुए छात्रों के उज्वल भविष्य के लिए कामना
 किया । यह कार्यक्रम कल भी कार्यरत रहेगा जिसमें देश के अलग- अलग संस्थानों से आये बच्चे जैव प्रौद्योगिकी से जुड़े विषयों पर अपनी राय रखेंगे।

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