एनटीपीसी ग्रेनो से हर दिन खरीदेगा 500 केएलडी एसटीपी से शोधित पानी।

ग्रेटर नोएडा। फेस वार्ता:-

02 जनवरी 22

ग्रेनो प्राधिकरण को हर माह निश्चित होगी आमदनी

एनटीपीसी व ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के बीच सहमति बनी

ग्रेटर नोएडा। भूजल बचाने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और एनटीपीसी ने मिलकर एक अच्छी पहल की है। सूरजपुर के पास ईकोटेक टू स्थित एनटीपीसी का रिसर्च केंद्र अब ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसटीपी से शोधित 500 किलोलीटर पानी रोज खरीदेगा। इससे प्राधिकरण को हर माह निश्चित आमदनी भी होगी।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) से शोधित पानी खरीदने के लिए एनटपीसी के साथ करीब एक साल से बातचीत चल रही थी। प्राधिकरण के ईकोटेक टू स्थित एसटीपी से सीवर को शोधित करके स्वच्छ जल बनाने में आ रही लागत की भरपाई करने में एनटीपीसी को निर्णय लेना था। सीवर विभाग के अधिकारी वरिष्ठ प्रबंधक कपिलदेव सिंह, प्रभारी प्रबंधक प्रभात शंकर आदि एनटीपीसी के साथ लगातार संपर्क में थे। शुक्रवार को एनटीपीसी ने सहमति दे दी। एसटीपी से एनटीपीसी तक पाइपलाइन डालने व पंप आदि लगाने का काम एनटीपीसी खुद से करेगा। करीब 20 मीटर लंबी पाइपलाइन डाली जानी है। इसका खर्च भी एनटीपीसी खुद से वहन करेगा। एक माह में यह काम पूरा हो जाएगा। फरवरी 2022 से एनटीपीसी पानी लेना शुरू कर सकता है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण ने भूजल संचय की राह में बड़ा कदम बताया। सीईओ ने ग्रेटर नोएडा की और भी कंपनियों व संस्थाओं से सिंचाई व नॉन ड्रिंकिंग वाटर के लिए एसटीपी से शोधित पानी के इस्तेमाल की अपील की, ताकि भूजल को सुरक्षित किया जा सके।

सिंचाई व निर्माण कार्यों में उपयोग हो रहा शोधित पानी

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की तरफ से चार एसटीपी बनाए गए हैं। सबसे बड़ा एसटीपी कासना में है। वर्तमान में इस एसटीपी से रोजाना करीब 85 एमएलडी सीवर शोधित हो रहा है। इकोटेक दो स्थित एसटीपी से करीब 15 एमएलडी सीवर रोजाना शोधित हो रहा है। ईकोटेक तीन स्थित एसटीपी से रोजाना करीब पांच एमएलडी और बादलपुर स्थित एसटीपी से डेढ़ एमएलडी सीवर शोधित हो रहा है। शोधित पानी का इस्तेमाल सिंचाई व निर्माण आदि कार्यों के लिए किया जा रहा है।

कासना के एसटीपी से शोधित पानी से बनेगा एयरपोर्ट

जेवर में निर्माणाधीन नोएडा एयरपोर्ट के पानी की जरूरत कासना स्थित एसटीपी से पूरी होगी। इस एसटीपी से शोधित पानी को एयरपोर्ट के निर्माण कार्यों के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। एयरपोर्ट के निर्माण के लिए पर्यावरण से मंजूरी ही इसी शर्त पर मिली है कि एसटीपी से शोधित पानी से निर्माण किया जाएगा। भूजल का दोहन नहीं होगा। इस एसटीपी की क्षमता 135 एमएलडी है। टैंकर के जरिए पानी की सप्लाई की जाएगी। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और विकासकर्ता कंपनी के बीच इस मसले पर बातचीत चल रही है। बहुत जल्द निर्णय होने की उम्मीद है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण का कहना है कि प्राधिकरण नोएडा एयरपोर्ट के निर्माण के लिए एसटीपी से शोधित पानी देने को तैयार है। जैसे ही मांग की जाएगी, प्राधिकरण सप्लाई शुरू कर देगा

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