न्यायाधीशों ने दिया एमिटी लॉ स्कूल में छात्रों को सफलता का मंत्र।

नोएडा। फेस वार्ता

पेपरलेस वर्चुअल त्रिदिवसीय एमिटी इंटरनेशनल मूट कोर्ट प्रतियोगिता का समापन

एमिटी विश्वविद्यालय के एमिटी लॉ स्कूल नोएडा द्वारा आयोजित त्रिदिवसीय पेपरलेस वर्चुअल 11 वें एमिटी इंटरनेशनल मूट कोर्ट प्रतियोगिता 2021 का आज समापन हो गया। इस प्रतियोगिता में देश विदेश के 100 से अधिक विधि संस्थानों और विश्वविद्यालयों के छात्रों ने हिस्सा लिया। इस 11 वें एमिटी इंटरनेशनल मूट कोर्ट प्रतियोगिता 2021 के समापन समारोह में दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश अमित बंसल, दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जसमीत सिंह, दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश श्रीमती ज्योती सिंह, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश सिद्धार्थ, एमिटी शिक्षण समूह के संस्थापक अध्यक्ष डा अशोेक कुमार चौहान और एमिटी विश्वविद्यालय उत्तरप्रदेश के चांसलर डा अतुल चौहान ने छात्रों को प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर एमिटी लॉ स्कूल नोएडा के चेयरमैन डा डी के बंद्योपाध्याय और एमिटी लॉ स्कूल नोएडा की एडिशनल डायरेक्टर डा शेफाली रायजादा उपस्थित थी।

इस त्रिदिवसीय पेपरलेस वर्चुअल 11 वें एमिटी इंटरनेशनल मूट कोर्ट प्रतियोगिता 2021 में जापान, नाइजिरिया, फिलिपींस, ब्राजील, इंडोनेशिया, साउथ अफ्रिका, मालदीव, बंग्लादेश, केन्या, युगंाडा आदि से 20 टीमों, देश के नेशनल लॉ विश्वविद्यालय से 08 टीमों और अन्य विधि संस्थानों से 68 टीमों ने हिस्सा लिया। एमिटी इंटरनेशनल मूट कोर्ट प्रतियोगिता 2021 की विजेता पटियाला की राजीव गांधी नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ की टीम बनी और कोची के नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ एडवांस लीगल स्टडीज की टीम को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ। बेस्ट रिसर्चर का अवार्ड केन्या की द कैथोलिक यूनिवर्सिटी ऑफ ईर्स्टन अफ्रिका की केन्सन मुटेथिया को, बेेस्ट मेमोरियल का अवार्ड आसाम की नेशनल लॉ एंड ज्युडिशियल एकेडमी की टीम और बेस्ट कांउसेल का अवार्ड पंजाब के राजीव गांधी नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के वंश भटनागर को प्रदान किया गया।

दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश अमित बंसल ने एमिटी लॉ स्कूल द्वारा आयोजित पेपरलेस वर्चुअल मूट कोर्ट प्रतियोगिता के आयोजन की तारीफ करते हुए कहा कि पेपरलेस ई मूट कोर्ट की अवधारणा आने वाले समय का संकेत है। कुछ अधिवक्ता अब इस इस प्रारूप का पालन और उपयोग कर रहे है और भारी फाइलों के दिन अब चले गये है। उन्होनें छात्रो से कहा कि मूट कोर्ट प्रतियोगिता आपको सार्वजनिक मंच पर अपनी बात रखने का अवसर प्रदान करता है जो आपको भविष्य में व्यावयासिक जीवन में लाभप्रद होगा। मूट कोर्ट को विधि के छात्रों हेतु पाठयक्रम का अनिवार्य हिस्सा बनाना चाहिए। मूट कोर्ट प्रतियोगिता में हिस्सा लेने से आपके शोध कौशल का विकास होगा और एक अच्छी शोध ही अच्छे केस की नींव होती है। भले आप विजेता हो या ना हो मूट कोर्ट प्रतियोगिता आपको व्यावसायिकता के कौशलों को सीखने में सहायक होगी।

दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जसमीत सिंह ने छात्रों को ंसबोधित करते हुए कहा कि आज विधि को छात्र पंसदीदा पेशे में रखते है और इसके कैरियर का निर्माण करना चाहते है। भविष्य के अधिवक्ताओं के लिए मूट कोर्ट अत्यधिक महत्वपूर्ण है। छात्रों को बुद्धि तत्परता, त्वरित निर्णय, प्रस्तुती के लिए तैयार करता है। उन्होनें छात्रों को सलाह देते हुए कहा कि आप जो भी करें उसे आनंदपूर्वक करें अन्यथा वो कार्य बोझ बन जायेगा। स्वंय के अदंर शौक को विकसित करें और उसके लिए समय निकाले क्योकि कानून के व्यवसाय में समय की मांग अधिक है। वर्तमान समय आपका बेहतरीन समय है इसका पूरा उपयोग करें।

दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश श्रीमती ज्योती सिंह ने संबोधित करते हुए कहा कि एमिटी लॉ स्कूल द्वारा आयोजित मूट कोर्ट प्रतियोगिता राष्ट्रीय और अंर्तराष्ट्रीय स्तर पर ख्याती प्राप्त प्रतियोगिता है। छात्रों के लाभ हेतु एमिटी द्वारा महामारी के समय में भी वुर्चअल मूट कोर्ट प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। उन्होनें कहा कि मूट कोर्ट प्रतियोगिता, न्यायालय प्रक्रिया से मिलती हुई होती है जहां आप सूचनाओं को एकत्रित, अपना पक्ष रखते है। यह प्रतियोगिता आपको बहुआयामी दृष्टिकोण प्रदान करती है। अगर आप विजयी नही होते तो भी हताश ना हो अधिक से अधिक सीखने की कोशीश करें।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश सिद्धार्थ ने संबोधित करते हुए कहा कि मूट कोर्ट प्रतियोगिता आपको कानून के व्यावयायिकों और अभ्यायों की जानकारी प्रदान करेगी। आज कानून के छात्र कोरपोरट की ओर अधिक आर्कषित हो रहे है लेकिन न्यायालयों में आपको विश्व को समझने का अवसर प्राप्त होगा। न्यायाधीशों और अधिक्ताओं को समाज में होने वाले परिवर्तनों और स्थिती की जानकारी होती है। देश में नेतृत्व करने वाले महान नेताओं में से अधिकतर विधि से जुड़े थे, कानून आपको दृष्टिकोण प्रदान करता है। मूट कोर्ट आपको भविष्य के लिए तैयार करता है।

एमिटी शिक्षण समूह के संस्थापक अध्यक्ष डा अशोेक कुमार चौहान ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि न्यायाधीशों के विचार छात्रों के जीवन को नई दिशा प्रदान करेगी। अगर देश को वैश्विक महाशक्ती बनाना है तो देश को अर्थव्यस्था, सैन्य शक्ति, कानून और व्यवस्था और मानव मूल्य के संर्दभ में अग्रणी बनाना होगा। विधिक व्यवसाय बेहतरीन व्यवसाय है जब आप किसी व्यक्ति को न्याय या राहत प्रदान करने में सहायता करते है। कानून की शिक्षा में जब तक आप न्यायाधीशों के दिये गये फैसलों को नही पढ़ते तब तक शिक्षा पूर्ण नही होगी। डा चौहान ने कहा कि मूट कोर्ट प्रतियोगिता आपको वास्तविक न्यायालय प्रक्रिया के अनुभव प्रदान करती है।

एमिटी विश्वविद्यालय उत्तरप्रदेश के चांसलर डा अतुल चौहान ने कहा कि एमिटी मे ंहम छात्रों को सदैव नेतृत्व के लिए तैयार करते है ना कि अनुयायी बनने के लिए। उन्होनें छात्रों से कहा कि सदैव बुद्धिमानी से निर्णय लें और कड़ी मेहनत करें क्योकि यह कई लोगों के जीवन को प्रभावित करेगा। मूट कोर्ट में हिस्सा लेना आपके व्यवसायिक जीवन के विकास में सहायक होगा।

इस अवसर पर एमिटी इंटरनेशनल मूट कोर्ट प्रतियोगिता कें फाइनल राउंड के निर्णायक मंडल में शामिल यूके के शेफील्ड विश्वविद्यालय की इंटरनेशनल लॉ की लेक्चरार सुश्री एरिका हेनेक्यूएट, पब्लिक प्रोसीक्यूशन सर्विस ऑफ कनाडा के क्राउन कांउसेल श्री सेबेस्टियन लाफ्रांस, जिनेवा ऑफ हयुमिनिटेरियन स्टडीज की टिचिंग एस्सीटेंट डा मारियाना फेरोला वलेड्रों डू वाले ने प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले छात्रों के कड़ी मेहनत और कार्य के प्रति सर्मपण की तारीफ की।

इस अवसर पर एमिटी लॉ स्कूल नोएडा के चेयरमैन डा डी के बंद्योपाध्याय और एमिटी लॉ स्कूल नोएडा की एडिशनल डायरेक्टर डा शेफाली रायजादा और डा आदित्य तोमर ने अपने विचार व्यक्त किये। एमिटी लॉ स्कूल नोएडा की फैकल्टी कनविनर डा भावना बत्रा द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया।


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