सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर ने किया एमिटी विश्वविद्यालय में अंर्तराष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ।

फेस वार्ता

नोएडा अक्टूबर 28 2021

सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर ने किया एमिटी विश्वविद्यालय में अंर्तराष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ

व्यापार रणनीतियों के एकीकरण के साथ कोरपोरेट समाजिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देने और राष्ट्रीय और अंर्तराष्ट्रीय संस्थानों अनुभवो से सीखने के लिए एमिटी विश्वविद्यालय द्वारा ‘‘ कोरपोरेट समाजिक उत्तरदायित्व’’ पर दो दिवसीय अंर्तराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का ध्येय महामारी के दौरान और उसके उपरांत कोरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व: संगठन की प्रतिक्रियाए, व्यवसाय मॉडल, नवाचार और जिम्मेदार व्यापारिक अभ्यास है। इस अंर्तराष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ वैश्विक सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती मेधा पाटकर, एमिटी हयुमिनिटी फांउडेशन की चेयरपरसन श्रीमती पूजा चौहान, एमिटी विश्वविद्यालय उत्तरप्रदेश की वाइस चांसलर डा बलविंदर शुक्ला द्वारा किया गया। इस अवसर पर एमिटी लॉ स्कूल के चेयरमैन डा डी के बंद्योपाध्याय और एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ सोशियल सांइसेस की निदेशिका डा निरूपमा प्रकाश उपस्थित थी।

वैश्विक सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती मेधा पाटकर ने कहा कि समाजिक जिम्मेदारी केवल संस्थानों की नही बल्कि हर व्यक्ति या मानव की है और इस जिम्मेदारी का वहन केवल महामारी, प्राकृतिक आपदा, मानव निर्मीत आपदा के दौरान ही नही बल्कि अन्याय और असमानता की चुनौतियों से निपटने के लिए भी करना है। कोरपोरेट समाजिक उत्तरदायित्व, मात्र प्रबंधन की संकल्पना नही है यह सामाजिक प्रतिबद्धता भी है। उन्होनें कहा कि महामारी के दौरान प्रवासी मजदूरों ने हजारों किलोमीटर का सफर किया और सरकारों द्वारा उनके लिए साधन उपलब्ध कराये गये किंतु मुख्य चुनौती साधन उपलब्ध कराना नही अपितु स्थानांतरण के कारण जिसमें बेरोजगारी, भत्तों का भुगतान ना होना, जीवका का समापन आदि था उसको समझना है। उन्होनें कहा कि धरातल स्तर पर चुनौतीयों को समझने की आवश्यकता है। रोजगार को उद्योगो से, रोजगार को कृषि से, जन जंगल और जमीनों से जोड़ना होगा। हम सभी को मानवता मूल्य और मानवाधिकार आधारित दृष्टिकोण अपनाना होगा। श्रीमती पाटकर ने कहा कि हमें वैश्विक नीतियों को देखना होगा और कोरपोरेट को समाजिक प्रभावीकरण के लिए कार्य करे। कई ऐसे श्रमिक है जिन्हे हम असंगठित कार्यबल कहते है दरअसर वो अधिक संगठित है किंतु आर्थिक परिपेक्ष्य में असुरक्षित है जिस पर सरकार और कोरपोरेट को ध्यान देना चाहिए। उन्होनें कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए आवश्यक है कि कोरपोरेट क्षेत्र आगे आये और उद्योगों के लिए उपजाउ या वनों की भूमि की बजाय, अन्य जमीनों का उपयोग करने की पहल करें। केवल एक दिन पौधे रोपने से पर्यावरण का संरक्षण नही होगा हमें वनों, कृषि भूमि और नदियों को संरक्षित करना होगा। नदियों के प्रदूषण का असर सबसे अधिक उन समुदाय पर पड़ता है जो उन नदियों का पानी पीते है या कृषि के लिए उपयोग में लाते है। उन्होनें कहा कि कोरपोरेट, बिल्डर, उद्यमियों सभी को संवेदनशील बनकर अपनी जिम्मेदारी उठानी चाहिए। अच्छे प्रशासन को लोगों को प्रोत्साहित करना चाहिए। विकास के लिए कोरपोरेट, समुदायिक और सहयोगिक दृष्टिकोण आवश्यक है जिसके लिए कोरपोरेट समाजिक उत्तरदायित्व की शैली को बदलना होगा। छात्रों से कहा कि आप सब धरातल स्तर पर उतर कर लोगो व समाज के लिए कार्य करें। अकादमिक संस्थानों को छात्रों को आम लोगों से मिलने, बात करने और साथ रहने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए तभी उनकी समस्याओं को समझ कर उनका निवारण कर सकेंगे। समानता और न्याय के महत्व को समझ कर संर्घषों की जड़ों को जानेगें और समस्या को सुलझाने का प्रयास करेंगे।

एमिटी हयुमिनिटी फांउडेशन की चेयरपरसन श्रीमती पूजा चौहान ने संबोधित करते हुए कहा कि इस सम्मेलन का महत्व विशेषकर कोविड महामारी के उपरांत और अधिक बढ़ गया है। कोरपोरेट समाजिक उत्तरदायित्व प्रमुख मुद्दो और चुनौतीयों को हल करना है जो व्यवसाय को नये अवसर और दिशायें प्रदान करता है। किसी भी देश का विकास सामाजिक मुद्दों को हल किये बिना नही हो सकता इसलिए आवश्यक है कि कोरपोरेट, अकादमिक, प्रशासन और सरकार मिलकर इस क्षेत्र में सार्थक प्रयास करें। इस सम्मेलन के जरीए हम समाज के सम्मुख आने वाली चुनौतीयों पर विचार विमर्श कर उन्हें समझने का प्रयास करेगे और उद्योगों और शिक्षा के जरीए उनका निवारण खोजेंगें।

एमिटी विश्वविद्यालय उत्तरप्रदेश की वाइस चांसलर डा बलविंदर शुक्ला ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि कोरपोरेट समाजिक उत्तरदायित्व आज उद्योगों का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है और भारत में उद्योगों द्वारा कंपनी एक्ट या नियम बनने के काफी वक्त पहले से समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाई जा रही है। एमिटी सदैव छात्रों को मूल्यों और संस्कारों को शिक्षा के साथ पोषित करता है और मानव मूल्य माह के अंर्तगत छात्रों को सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति प्रोत्साहित किया जाता है। इस सम्मेलन के जरीए हम विभिन्न संस्थानों के बेहतरीन कोरपोरेट समाजिक उत्तरदायित्व अभ्यास को समझेगें। एमिटी द्वारा शोध और नवाचार के माध्यम से भी समाज की समस्या का हल खोजने का प्रयास किया जा रहा है।

इस दो दिवसीय सम्मेलन के अंर्तगत आज ‘‘सतत भविष्य के विकास के लिए संरेखित – कोरपोरेट समाजिक उत्तरदायित्व के माध्यम से निवेश, नवाचारों और सहयोग के लिए अवसर’’ विषय पर और सीएसआर पहलों के माध्यम से कोरपोरेट्स और गैर सरकारी संगठनों की प्रभावशाली भागीदारी बनाने की रणनीतियां विषय आदि पर परिचर्चा सत्र का आयोजन किया गया।


Leave a Reply

Your email address will not be published.