जी.एन.आइ.ओ.टी एम् बी ए संस्थान मे “इंटीग्रेटेड एम् बी ए” के छात्रों के लिए ओरिएंटेशन प्रोग्राम “आरब्ध -2021” का आयोजन।

फेस वार्ता


ग्रेटर नोएडा: जी.एन.आइ.ओ.टी एम् बी ए संस्थान मे इंटीग्रेटेड एम् बी ए प्रथम वर्ष के नव आगंतुक छात्रों के लिए स्वागत समारोह का आयोजन किया गया जिसका शुभारंभ ग्रुप के चेयरमैन राजेश गुप्ता एवं सभी उपस्थित व्यक्तियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन एवं माता सरस्वती की वंदना कर किया I उन्होने देश के विभिन्न राज्यों से आये हुए सभी नव आगंतुक विद्याथियो एवं अभिभावकों का स्वागत किया एवं कहा इंटीग्रेटेड एम् बी ए का पांच वर्षीय यह पाठ्यक्रम बारहवीं के बाद ए के टी यू लखनऊ का विशिष्ट कोर्स है पिछले कुछ वर्षो मे इस कोर्स के स्टूडेंट्स का प्लेसमेंट ग्राफ काफी अच्छा रहा है l हमारा कैंपस सभी नई सुविधाओं से परिपूर्ण है छात्रों को प्रतिदिन यहाँ कुछ नया सिखने को मिलेगा l
डायरेक्टर, जी.एन.आइ.ओ.टी एम् बी ए डॉ सविता मोहन ने नवीन छात्रों के उज्जवल भविष्य की कामना की सभी को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रबंधन शिक्षा में तेजी से बदलाव आ रहे हैं और अनुभवात्मक तकनीकों में वृद्धि हुई है। प्रबंधन शिक्षा आज के गतिशील कारोबारी माहौल में एक आवश्यक भूमिका निभाती है। वैश्वीकरण और तकनीकी परिवर्तनों के तेजी से चलन ने संगठनों के लिए प्रतिस्पर्धी दुनिया में टिकना मुश्किल बना दिया है। परिणामस्वरूप प्रबंधन शिक्षा का महत्व कई गुना बढ़ गया है।
आज के प्रोग्राम की विशिष्ट अतिथि डा. सुमन चाहर , चेयरपर्सन (इंटरनेशनल सेंटर फॉर वुमन एंड चाइल्ड) ने कहा कि सोशल एंट्रेप्रेन्यूरिस्म (सामाजिक उद्यमिता)एक पारंपरिक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) की तुलना में एक बड़े और अधिक प्रभावी पैमाने पर सामाजिक परिवर्तन लाने की प्रक्रिया है ।सामाजिक उद्यमिता की अवधारणा अब प्रबंधन पाठ्यक्रमों में एक अलग ब्रांच के रूप में पढ़ाया जाता है ।भारत में अधिकांश युवा लोग अपनी सेवाओं को स्वयंसेवक बनाने के लिए उत्सुक हैं और यहां तक कि सामाजिक परिवर्तन को प्रभावित करने के लिए सामाजिक उद्यमिता का उपयोग करने के लिए शानदार विचारों के साथ आते हैं ।हमारे पास सुप्रसिद्ध सामाजिक उद्यमियों की अधिकता है जिन्होंने महत्वपूर्ण योगदान दिया है ।
आज के प्रोग्राम के मुख्य वक्ता फहीम खान , एमडी एफ के इंटरनेशनल, सीएमडी ईबे ऑर्गेनिक जी ने कहा कि मार्केटिंग की कला मार्केटिंग के करने से आती है – ग्राहकों को संतुष्ट करने और बनाए रखने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों को लागू करना, और यह देखना कि वास्तव में मार्केटिंग कार्यक्रम कैसे प्रभावी ढंग से काम करते हैं।आर्ट ऑफ़ मार्केटिंग संभावित खरीदारों से प्रतिक्रियाओं का एक सामजस्य स्थापित करता है विसुअल आर्ट्स , मार्केटिंग ट्रेंड्स , मार्केटिंग प्रैक्टिसेज एडवरटाइजिंग , सोशल मीडिया, एवं वर्ल्ड ऑफ़ माउथ सभी के लिए जागरूकता लाता है l विज्ञापन में आर्ट क्वालिटी का होना पर्सेप्शन्स के माध्यम से ब्रांड इमेज को प्रभावित करता है ।
कॉर्पोरेट ट्रेनर और एग्जीक्यूटिव कोच ब्रिगेडियर रमेश चंद्रा ने टाइम मैनेजमेंट एवं स्ट्रेस मैनेजमेंट के बारे मे जानकारी देते हुए कहा कि समय धन से भी ज्यादा कीमती है; क्योंकि यदि धन को खर्च कर दिया जाए तो यह वापस प्राप्त किया जा सकता है हालांकि, यदि हम एक बार समय को गंवा देते हैं, तो इसे वापस प्राप्त नहीं कर सकते हैं। समय हम सभी के लिए अमूल्य है। हमें समय की प्रत्येक छोटी सैकेंड का मूल्य समझने के साथ ही इसके महत्व का सम्मान करना चाहिए। साथ ही उन्होंने स्ट्रेस को थोड़े समय के लिए होना सकारात्मक बताया , जो किसी व्यक्ति को किसी काम को गंभीरता से करने की शक्ति देती है,इसलिए स्ट्रेस की रोकथाम में सकारात्मक सोच रखना कारगर उपाय साबित हो सकता है।


आज के प्रोग्राम के मुख्य वक्ता डॉ हैदर शाह, प्रोफेसर बहरिया बुसिंब्स स्कूल-पाकिस्तान ने वर्चुअल प्लेटफार्म पर “स्ट्रेटेजीज टू डेवलॅप लीडरशिप स्किल्स” के बारे मे बताते हुए कहा कि उत्तदायित्व व आत्मीयता, अपने कौशल को नियमित रूप से विकसित करना और नवीन कौशल प्राप्त करना-ऐसी प्राथमिकतायें है जिनकी हमें कभी उपेक्षा नहीं करनी चाहिये। नेतृत्व कौशल को महत्वपूर्ण गुण माना जाता है जो आपको अपने करियर क्षेत्र के शीर्ष पर पहुंचने में सहायता कर सकते हैं। यदि आप अपने व्यावसायिक या निजी जीवन में नेतृत्व की भूमिका में सफल रहे हैं तो आपको अनेको जॉब कि संभावनाय या पदोन्नति मिल सकती है।लक्ष्य को निष्पादित करने के लिए अनुशासन आवश्यक है यहां तक कि अगर आपके पास कोई अच्छा विचार है, , यदि आप प्रभावी ढंग से निष्पादित करना चाहते हैं, तो आपको अनुशासन की आवश्यकता होगी ।
एम् बी ए हेड डॉ अविजीत डे ने सभी अतिथियों का धन्यवाद दिया एवं कॉलेज की उपलब्धियों के बारे मे बताया l उन्होंने नए सत्र मे प्रवेशित सभी छात्रों को उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाये दी एवं कहा कि ” सक्सेस इस नॉट फाइनल एंड फेलियर इस नॉट फेटल ” मतलब आपके लिए कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है. आप जिस दिशा मे आगे बढ़ना चाहते हैं . पूरे मन से आगे बड़े तो कोई आपको रोक नहीं पायेगा।

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