देश में ब्रेस्ट कैंसर के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देने के अभियान के तहत इकरिस फार्मा ने आज अपना ‘फाइनल रन’ आयोजित किया।

फेस वार्ता। भारत भूषण शर्मा:

इकरिस फार्मा के ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता अभियान का आज नोएडा में आखिरी दौड़ के साथ समापन हुआ

यह इवेंट नोएडा के सेक्टर 62 के आई-थम आईटी पार्क में आयोजित किया गया था।
इवेंट से पहले पिछले महीने ‘प्रोमो रन’ आयोजित किया गया था और अगस्त में इस अभियान को लांच किया गया था।
हर साल अक्टूबर के महीने में ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता माह मनाया जाता है।
• 500 से ज्यादा लोगों ने 5 किमी की दौड़, एक 10 किमी की दौड़, एक 10 मील की दौड़ और 3 किमी की पैदल दूरी मे हिस्सा लिया।
• 16 से 35 साल, 36 से 50 साल और 50 और उससे ज्यादा उम्र के शीर्ष रनर (धावकों) को सम्मानित किया गया।
• हर एक प्रतिभागी के समापन समय को मापने के लिए चिप टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया।
• दौड़ ख़त्म होने के बाद मैक्स हॉस्पिटल की सीनियर डायरेक्टर एंड एचओडी, मेडिकल ऑन्कोलॉजी एंड हेमेटोलॉजी डॉ मीनू वालिया ने लोगों के साथ चर्चा की।

नोएडा, 2 अक्टूबर 2022 :- देश में ब्रेस्ट कैंसर के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए पिछले दो महीने से अभियान चला रहे देश के प्रमुख रेयर डिजीज एंड इनोवेटर ड्रग एक्सेस फैसिलिटेटर, इकरिस फार्मा ने आज फाइनल रन के साथ इस कार्यक्रम का समापन किया। फाइनल रन का समापन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर हुआ। हर साल अक्टूबर में ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता माह मनाया जाता है। गौरतलब है कि इस साल अगस्त में एक वीडियो जारी कर कंपनी ने इकरिस रन लॉन्च किया था। डॉ मीनू वालिया, सीनियर डॉयरेक्टर, मेडिकल ऑन्कोलॉजी और हेमटोलॉजी डिपार्टमेंट, मैक्स हॉस्पिटल के साथ दौड़ के बाद ब्रेस्ट कैंसर पर चर्चा भी हुई।


नोएडा के सेक्टर 62 में आई-थम आईटी पार्क में आयोजित चार अलग-अलग कार्यक्रमों के आज के फाइनल रन में, सभी उम्र और क्षेत्रों के 500 से ज्यादा लोगों ने 5 किमी दौड़, 10 किमी दौड़, 10 मील दौड़ और 3 किमी की पैदल दूरी मे हिस्सा लिया। पहले तीन इवेंट में सबसे पहले आने वाले के लिए अवार्ड दिए जानें की घोषणा की गई थी। पैदल वाले इवेंट में कोई अवार्ड नही रखा गया था। तीन प्रतिस्पर्धी श्रेणियों में से 16 से 35 साल, 36 से 50 साल और 50 और उससे ज्यादा उम्र के शीर्ष रनर को पदक और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा हर एक प्रतिभागी के समापन समय को मापने के लिए चिप टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया।
इकरिस फार्मा के सीईओ श्री प्रवीण सीकरी ने कहा, “ब्रेस्ट कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए हमने इस अभियान की शुरूआत इस साल के अगस्त महीने में की थी। यह अभियान सफल रहा। हम इस आयोजन के सफल समापन पर काफ़ी खुश हैं। इस अभियान के प्रति समाज के सभी वर्गों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली। हम समाज के सभी वर्गों से मिली प्रतिक्रिया से खुश और उत्साहित महसूस कर रहे हैं। डॉक्टर, हेल्थकेयर प्रोफेशनल, हेल्थ कर्मचारी और आम जनता का इसमें काफ़ी बढ़ चढ़ कर सहयोग रहा। इसके अलावा सोशल मीडिया से भी अच्छी खासी प्रतिक्रिया देखने को मिली, जिसके लिए हम आभारी हैं। इस अभियान को सफल बनाने में सोशल मीडिया की भूमिका महत्त्वपूर्ण रही। हम प्रमुख कैंसर विशेषज्ञ डॉ मीनू वालिया के साथ जुड़कर सम्मानित महसूस कर रहे हैं। वह पूरे अभियान के दौरान एक मार्गदर्शक शक्ति रही हैं और उनकी ब्रेस्ट कैंसर पर जानकारी महिलाओं और अन्य लोगों के लिए काफ़ी फ़ायदेमंद साबित होगी।”.
मैक्स हॉस्पिटल की सीनियर डायरेक्टर एंड एचओडी, मेडिकल ऑन्कोलॉजी एंड हेमेटोलॉजी और भारत की पहली डीएनबी मेडिकल आंकोलॉजिस्ट डॉ मीनू वालिया ने कहा, “इकरिस द्वारा शुरू किए गए इस महान अभियान में शामिल होने का मुझे सौभाग्य मिला है, जिसके लिए मैं आभारी हूं। ब्रेस्ट कैंसर न केवल विश्व स्तर पर महिलाओं में होने वाली सबसे आम घातक बीमारी है, बल्कि दुनिया में किसी भी अन्य कैंसर की तुलना में सबसे ज्यादा मौतें और विकलांगता की वजह से जीवन ब्रेस्ट कैंसर से ख़राब होता है। भारत में यह कैंसर किसी भी अन्य कैंसर की तुलना मे ज्यादा महिलाओं को मारता है। ब्रेस्ट कैंसर आमतौर पर परिवार में किसी को होने, बढ़ती उम्र, रेडियेशन के संपर्क में आने, रिप्रोडक्टिव हिस्ट्री और शराब और तंबाकू के उपयोग से ज्यादा होता है। एक चिंताजनक ट्रेंड यह रहा है कि कम उम्र की महिलाएं भी इस कैंसर से पीड़ित हो सकती हैं। इसलिए मैं सभी महिलाओं से अनुरोध करती हूं कि वे अपने स्तनों पर दिखने वाले सबसे नगण्य और कम लक्षणों के प्रति भी सतर्क रहें। स्तन या उसके आसपास में कोई भी नई या असामान्य गांठ, आकार में बदलाव, डिंपल या लाली, निप्पल क्षेत्र के आसपास की त्वचा में बदलाव, या निप्पल से कुछ चीज़ आदि निकलने पर तत्काल डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और जल्दी ही मैमोग्राम टेस्ट करवाना चाहिए। इसके अलावा पुरुषों को यह कैंसर होने की संभावना बहुत कम होती है, लेकिन उनको भी यह कैंसर हो सकता है यह कोई असंभव वाली बात नही है।”.

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