खिलौना-2022 (इंडिया टॉयज एंड गेम्स फेयर) और इंडिया जी आई प्रोडक्ट फेयर- 2022 को एक जिला एक उत्पाद– ओडीओपी योजना के तहत उत्तर प्रदेश सरकार की मंजूरी।

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खिलौना-2022 (इंडिया टॉयज एंड गेम्स फेयर) और इंडिया जी आई प्रोडक्ट फेयर- 2022 को एक जिला एक उत्पाद– ओडीओपी योजना के तहत उत्तर प्रदेश सरकार की मंजूरी

ग्रेटर नोयडा- ‘मेक इन इंडिया’ की कोशिशों के तहत ‘हैंडमेड इन इंडिया’ के ब्रांड और खासकर खिलौने और जीआई टैग वाले उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। खिलौना उद्योग और जियोग्राफिकल इंडिकेशन(जीआई) टैग वाले उत्पादों के महत्व को ध्यान में रखते हुए, हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) 26-28 अगस्त तक एक साथ दो शो यानी खिलौना -2022 (इंडिया टॉयज एंड गेम्स फेयर) और इंडिया जीआई फेयर-2022 का आयोजन इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश में करने जा रहा है।

भारत में खिलौना निर्माण को बढ़ावा देने और अपनी मौजूदा वैश्विक बाजार में अपनी क्षमता और हिस्सेदारी में सुधार करने के उद्देश्य से खिलौना-2022, इंडिया टॉय एंड गेम्स फेयर आयोजित किया जा रहा है। यह एक बी 2 बी आयोजन है। यह मेला देश और खिलौना उद्योग के भविष्य के लिए एक बड़ी दृष्टि और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। खिलौना -2022 का लक्ष्य भी इसी संकल्प को शक्ति देना है, ईपीसीएच के महानिदेशक राकेश कुमार ने बताया।

इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में 26-28 अगस्त, 2022 तक आयोजित खिलौना-2022 (इंडिया टॉयज एंड गेम्स फेयर) देश के खिलौना निर्माताओं के पूरे क्रास सेक्शन को एक सर्व-समावेशी तौर पर एक साथ लाने वाला है। सिर्फ खिलौनों के लिए ही विशेष बिजनेस प्लेटफार्म के तौर पर यह मेला अपनी अपील, उपयोगिता, लर्निंग (अध्ययन), कमर्शियल, वाणिज्यिक उपयोगिता और उत्पाद सुविधाओं की वजह से अपनी तरह का एक अनूठा अयोजन है।

जियोग्राफिकल इंडीकेशन (जीआई) उन उत्पादों पर उपयोग किया जाने वाला एक संकेत (साइन) है जिसका प्रयोग उत्पादों की एक विशिष्ट भौगोलिक उत्पत्ति की वजह से उनके गुण या फिर प्रतिष्ठा के लिए किए जाता है। जीआई टैग किए गए उत्पाद “अतुल्य भारत के अमूल्य खजाने” हैं और इसका उद्देश्य खरीददार समुदाय के बीच विश्वास पैदा करना है। देश में जीआई के रूप में टैग किए गए लगभग 390 से ज्यादा उत्पाद हैं। उत्तर प्रदेश ऐतिहासिक रूप से शिल्प में समृद्ध है और उत्तर प्रदेश के 36 उत्पाद हस्तशिल्प और हथकरघा में जीआई टैग रजिस्टर्ड हैं। देश के अद्वितीय प्रतिभा के धनी हस्तशिल्पियों/ बुनकरों/कारीगरों के हाथ से बुने हुए, दस्तकारी और कृषि उत्पादों के साथ ही उत्पादकों का समर्थन करने के लिए पहला इंडिया जीआई फेयर भी 26-28 अगस्त, 2022 तक इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश में आयोजित किया जाएगा।

ईपीसीएच के महानिदेशक राकेश कुमार ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने अपनी एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के तहत खिलौना-2022 (इंडिया टॉयज एंड गेम्स फेयर) और इंडिया जीआई फेयर-2022 को मंजूरी दी है, जिससे मेले में भाग लेने वाले प्रदर्शकों को 75 प्रतिशत अधिकतम रु.1,50,000/-तक स्टॉल शुल्क; उत्पादन इकाई से मेला/प्रदर्शनी तक माल ढुलाई प्रभारों के लिए 75% अधिकतम 7,500/- रुपये तक का शुल्क और एक प्रतिनिधि प्रदर्शक के लिए ए/सी 3 टियर या ए/सी बस का आने-जाने का किराया की प्रतिपूर्ति का अधिकार है । कुमार ने इस पहल के लिए उत्तर प्रदेश सरकार को धन्यवाद दिया और आशा व्यक्त की कि इस पहल से उत्तर प्रदेश राज्य से प्रदर्शकों की बड़ी भागीदारी होगी जिसके परिणामस्वरूप उनके लिए व्यापार के अवसरों में वृद्धि होगी और रोजगार सृजन होगा।

 

 

 

ईपीसीएच दुनिया भर के विभिन्न देशों में भारतीय हस्तशिल्प निर्यात को बढ़ावा देने और उच्च गुणवत्ता वाले हस्तशिल्प उत्पादों और सेवाओं के एक विश्वसनीय आपूर्तिकर्ता के रूप में विदेशों में भारत की छवि बनाने के लिए जिम्मेदार एक नोडल संस्थान है। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान हस्तशिल्प निर्यात 33253.00 करोड़ रुपये (4459.76 मिलियन डॉलर) रहा, जिसमें बीते वर्ष की इसी अवधि की तुलना में रुपये के संदर्भ में 29.49% की वृद्धि दर्ज की गई है वहीं डालर के संदर्भ में यह वृद्धि 28.90% की रही।

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