छात्रों का प्रथम लक्ष्य केवल आगे बढ़ना ही होना चाहिए: स्वामी चिद्रुपानंद।

फेस वार्ता। भारत भूषण शर्मा:-

लक्ष्य के बिना जीवन अधूरा हैः स्वामी चिद्रुपानंद

शारदा विश्वविद्यालय के छात्रों का मार्ग दर्शन करने हेतु आज स्वामी चिद्रुपानंद ने शारदा कैपस का दौरा किया और ’’उत्कृष्टता जगाने और प्रेरणा का आह्वान’’ विषय पर व्याख्यान दिया। कार्यशाला के दौरान सभी अतिथियों का स्वागत शारदा विश्वविद्यालय के शारदा स्किल विभाग के निर्देशक धीरज शर्मा ने किया।

स्वामी चिद्रुपानंद ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि छात्रों का प्रथम लक्ष्य केवल आगे बढ़ना ही होना चाहिए जिसके लिए उन्हे पढ़ाई पूरी ईमानदारी एंव कठोर परिश्रम से करनी होगी। देखा जाए तो पूरे विश्व की स्थिति कुछ सही नही चल रही है कही महामारी तो कही युद्ध जिसका असर पूरे विश्व पर हो रहा है। इस समय केवल सोच समझ कर बुद्धि का सही इस्तेमाल करना ही हर समस्या का समाधान है। बड़े से छोटे स्तर पर निर्णय में स्पष्टता होनी चाहिए अगर स्पष्टता होगी तो आपको आगे बढ़ने से कोई नही रोक सकता है। स्वामी जी ने यह भी कहा कि कड़ी मेहनत ही सफलता का एकमात्र साधन है और जो भी कहे सोच समझ कर कहे। जीवन में रिश्तों की अहमियत अलग होती है लेकिन जरूरी है कि अपने भावनाओं पर काबू बनाना भी जरूरी है। हमें अपने आप पर इतना नियंत्रण होना चाहिए की एकदम से प्रतिक्रिया न जाहिर करे। छात्रों को सलाह देते हुए कहा कि आध्यात्मिक सोच से विश्व में अधिकतम दिक्कतों को खत्म किया जा सकता है क्योकि आध्यात्मिक सोच कभी अंहकार की मांग नही करता है। हमें अपने जीवन को बेहतर बनाने के लिए किसी को अपना जीवनरक्षक बना लेना चाहिए जो आपको सही गलत में अंतर बता सके। शारदा विश्वविद्यालय के शारदा स्किल विभाग के निर्देशक धीरज शर्मा ने कहा कि आज का दिन शारदा के छात्रों के लिए बेहद लाभदायक रहा क्योकि इस प्रकार के कार्यक्रमों से हम बहुत कुछ सीखते है जो हमारे भविष्य के लिए बहुत काम आ सकती है। शारदा छात्रों का अकादमिक विकास के साथ साथ आध्यात्मिक विकास में भी कार्य करता है। इस कार्यक्रम के दौरान शारदा विश्वविद्यालय के शोधकर्ता, संकाय, छात्र और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।

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