अधिकारी अपंजीकृत व्यापारियों से संपर्क स्थापित करते हुए उनका जीएसटी में कराएं पंजीकरण।

गौतम बुद्ध नगर/फेस वार्ता:-

मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप टैक्स बेस बढ़ाने के उद्देश्य से चलेगा जी.एस.टी. पंजीकरण अभियान।

राज्य कर विभाग गौतम बुद्ध नगर के अधिकारी गण अपंजीकृत व्यापारियों से संपर्क स्थापित करते हुए उनका जीएसटी में कराएं पंजीकरण।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टैक्स बेस बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य कर विभाग के अधिकारियों को अभियान चलाकर अपंजीकृत व्यापारियों के जीएसटी में पंजीकरण करने के लिए निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में अपर आयुक्त राज्य कर नोएडा अदिति सिंह (IAS) ने बताया कि राज्य कर विभाग गौतमबुद्धनगर द्वारा शासन की मंशा के अनुरूप जोन मे पंजीयन बेस बढाने के लिए नोएडा जोन के समस्त अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि पंजीकृत समस्त व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों, सम्मानित पंजीकृत व्यापारियों एवं अन्य सरकारी विभागो से डाटा संकलित करते हुए अपंजीकृत व्यापारियों से सम्पर्क स्थापित करते हुए उनको जी०एस०टी० मे पंजीकृत कराया जाये तथा पंजीयन लाभ से अवगत भी कराया जाये, जैसे जी०एस०टी० मे पंजीयन निःशुल्क है, जिसे व्यापारी जी०एस०टी० की वेबसाइट पर स्वंय ऑनलाइन अप्लाई कर सकते है । शून्य खरीद बिक्री से सम्बन्धित रिटर्न को व्यापारी स्वंय ही मोबाईल से SMS के माध्यम से दाखिल कर सकते है। पंजीकृत व्यापारियों के लिए देश के किसी भी राज्य से इन्वर्ड सप्लाई पर निर्बाध आई०टी०सी लेने की सुविधा है। 1.5 करोड रुपए वार्षिक टर्नओवर तक के छोटे एवं मंझौले व्यापारियों के लिए समाधान योजना लागू है एवं 5 करोड रुपए तक की वार्षिक टर्नओवर वाले व्यापारियों के लिए हर माह रिटर्न दाखिल करने की आवश्यकता नहीं है ऐसे व्यापारियों के लिए तिमाही रिटर्न दाखिल करने की सुविधा उपलब्ध है। उत्तर प्रदेश राज्य मे पंजीकृत व्यापारियों के लिए बिना किसी प्रीमियम निःशुल्क 10 लाख रुपए तक का व्यापारी दुघर्टना बीमा योजना लागू है, पिछले वर्ष नोएडा मे 4 पंजीकृत व्यापारी दुघर्टना बीमा योजना से लाभान्वित हुए है। अपर आयुक्त राज्य कर नोएडा द्वारा बताया गया कि राज्य कर विभाग नोएडा के ऐसे समस्त सरकारी विभागों को जी०एस०टी० मे पंजीयन के लिए प्रेरित किया जाये, जिनके द्वारा किसी कान्ट्रैक्टर को एक कान्ट्रैक्ट के अन्तर्गत 2.5 रुपए लाख से अधिक भुगतान किया जा रहा है। वस्तुत: जी०एस०टी० अधिनियम-2017 की धारा-51 के अन्तर्गत यह व्यवस्था दी गयी है कि सभी सरकारी विभाग, स्थानीय निकायों व अन्य सरकारी संस्थानों द्वारा कान्ट्रैक्टर को भुगतान की धनराशि पर नियमानुसार टी०डी०एस० काटकर राजकीय कोष में जमा करना अनिवार्य है।

इस विषय पर राज्य कर विभाग गौतमबुद्धनगर द्वारा जिले के अन्तर्गत आने वाले समस्त केन्द्रीय/राज्य सरकार के विभाग/स्थानीय निकायों एवं सरकारी ऐजेंसी के आहरण वितरण अधिकारियों के साथ शीघ्र ही बैठक आयोजित की जायेगी साथ ही उक्त कार्य के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किये जायेंगे एवं पंजीयन मे वृद्वि के उद्देश्य से राज्य कर विभाग के अधिकारियों द्वारा अपने अपने अधिक्षेत्रों में गोष्ठी, पंजीयन सेमिनार आदि का आयोजन कराया जायेगा।

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