ग्रेनो के नए सामुदायिक केंद्रों में होगी लाइब्रेरी व इंडोर गेम्स की भी सुविधा।

ग्रेटर नोएडा। भारत भूषण शर्मा:-

ग्रेनो के नए सामुदायिक केंद्रों में होगी लाइब्रेरी व इंडोर गेम्स की भी सुविधा

ग्रेनो प्राधिकरण ने सामुदायिक केंद्रों का मृदा परीक्षण किया शुरू 

हर सामुदायिक केंद्र पर करीब 2 करोड़ खर्च होने का आकलन

ग्रेनोवासियों को शादी-समारोह के लिए भी नहीं होगी परेशानी

ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा में बनने वाले 13 नए सामुदायिक केंद्रों में एक तरफ सेक्टर के छात्र लाइब्रेरी में बैठकर अपने परीक्षा की तैयारी कर सकेंगे तो दूसरी ओर इंडोर गेम्स हॉल में वे खेल हुनर भी निखार सकेंगे। प्राधिकरण ने इन सामुदायिक केंद्रों को बनाने के लिए मृदा परीक्षण शुरू करा दिया है। रिपोर्ट आते ही एस्टीमेट पर अप्रूवल लेकर टेंडर जारी किया जाएगा और निर्माणकर्ता कंपनी का चयन कर निर्माण शुरू कराया जाएगा।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ व मेरठ मंडलायुक्त सुरेन्द्र सिंह के निर्देश पर ग्रेटर नोएडा के गांवों व सेक्टरों में सामुदायिक केंद्र बनाने की प्रक्रिया तेजी से शुरू हो गई है। फिलहाल 13 सेक्टरों में सामुदायिक केंद्र जल्द बनाने की तैयारी है। इन सेक्टरों में जमीन चिंहित कर ली गई है। ये सेक्टर ईटा वन, सेक्टर 31 (स्वर्णनगरी) सेक्टर 36, सेक्टर 37, पाई वन/टू, जीटा वन/टू, डेल्टा थ्री, फाई-चाई एक्सटेंशन, सेक्टर तीन, ज्यू वन, टू व ज्यू थ्री, ओमीक्रॉन वन ए हैं। सीईओ इन सेक्टरों में सामुदायिक केंद्र को बनाने पर सैद्धांतिक स्वीकृति पहले ही दे चुके हैं। अब इन सामुदायिक केंद्रों का मृदा परीक्षण किया जा रहा है। ये सामुदायिक केंद्र दो मंजिला बनाने की योजना है। ग्राउंड तल पर लॉबी, पार्टी हॉल, किचन स्पेस, स्टोर, एक रूम और लेडीज व जेंट्स ट्वॉयलेट बनाए जाएंगे, जबकि प्रथम तल पर लॉबी, लाइब्रेरी, इंडोर स्पोर्ट्स एक्टिीविटी और लेडीज व जेंट्स ट्वॉयलेट की सुविधा रखे जाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा हर सामुदायिक केंद्र में लगभग 50 वाहनों के पार्किंग की व्यवस्था करने का प्रस्ताव है। नियोजन विभाग भी इसका ले-आउट बना रहा है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक परियोजना एके अरोड़ा ने बताया कि इन सामुदायिक केंद्रों की मिट्टी का परीक्षण किया जा रहा है। इसकी रिपोर्ट आते ही एस्टीमेट तैयार कर मंजूरी के लिए भेज दिया जाएगा। अप्रूवल मिलते ही टेंडर निकाल दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि कॉन्ट्रैक्टर का चयन होने के बाद निर्माण शुरू होने से लेकर पूरा होने तक एक साल का समय लगने के आसार हैं। एक सामुदायिक केंद्र बनाने में औसतन करीब 2 करोड़ रुपये खर्च होने का आकलन है। सीईओ सुरेन्द्र सिंह ने प्राधिकरण के नियोजन विभाग को इन 13 सामुदायिक केंद्रों का निर्माण शीघ्र शुरू कराने व तय समय पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं, ताकि सेक्टरवासियों को जल्द सामुदायिक केंद्र की सुविधा दी जा सके। उन्हें किसी आयोजन के लिए परेशान न होना पड़े। सीईओ ने अन्य सेक्टरों व गांवों में भी सामुदायकि केंद्र के लिए जगह चिंहित करने को कहा है।

निवासियों ने प्राधिकरण के फैसले को सराहा

ग्रेटर नोएडा के सेक्टर ईटा वन आरडब्ल्यूए के संरक्षक आरकेएस यादव ने कहा कि सामुदायिक केंद्रों को मल्टीपरपज हॉल बनाने का प्राधिकरण का निर्णय सराहनीय है। इससे सामुदायिक केंद्र सिर्फ शादी-समारोह तक के लिए सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि सेक्टरवासियों की कई जरूरतें पूरी हो सकेंगी। सेक्टर ईटा वन आरडब्ल्यूए के सदस्य सुरेंद्र बंसल का कहना है कि सेक्टरवासी सामुदायिक केंद्र को मल्टीपरपज हॉल के रूप में विकसित करने के लिए प्राधिकरण से मांग कर रहे थे, जिसे प्राधिकरण ने स्वीकार कर लिया है। इससे यहां के लोगों को बहुत सुविधा हो जाएगी। सेक्टर 36 आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष जीत सिंह चौधरी का कहना है कि अब हाइटेक जमाना है। सामुदायिक केंद्रों को भी आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाना चाहिए। सामुदायिक केंद्रों में इंडोर गेम्स की सुविधाएं देने का प्राधिकरण का फैसला सराहनीय है।

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