राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे देश छोड़ मालदीव की राजधानी माले पहुंचे।

अपना डूबता देश छोड़ गए राष्ट्रपति श्रीलंका में राजनीतिक अस्थिरता बुधवार को अहले सुबह राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे देश छोड़ मालदीव की राजधानी माले पहुंचे। हालांकि  9 जुलाई को उन्होंने अपने अवाम को यह आश्वासन दिया था कि
अपना डूबता देश छोड़ गए राष्ट्रपति
श्रीलंका में राजनीतिक अस्थिरता गहरा गई है। बुधवार को अहले सुबह राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे देश छोड़ मालदीव की राजधानी माले पहुंचे। हालांकि 9 जुलाई को उन्होंने अपने अवाम को यह आश्वासन दिया था कि वह 13 जुलाई को राष्ट्रपति का पद छोड़ देंगे पर उन्होंने ऐसा किया नहीं। संविधान के अनुच्छेद 37(1) का सहारा लेते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री रनिल विक्रम सिंघे को कार्यवाहक राष्ट्रपति नियुक्त कर दिया जिसका अर्थ है कि रनिल राष्ट्रपति की जिम्मेदारी तो निभाएंगे ए पर गोटबाया राष्ट्रपति पद पर बने रहेंगे। बुधवार की सुबह ही रनिल विक्रमसिंघे ने बतौर प्रधानमंत्री देश में आपातकाल की घोषणा कर दी और पश्चिम प्रांत में ए जहां कोलंबो है ए कफ्र्यू लगा दिया। उन्होंने सुरक्षा बलों को स्थिति संभालने की हिदायत दी और जरूरी होने पर उपद्रवियों को हिरासत में लेने को भी कहा।

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