लॉयड ने ‘उम्मीद’ और ‘ड्रॉप बाय ड्रॉप फाउंडेशन’ एन.जी.ओ. जैसी संस्थाएं को किताबें की दान ।

ग्रेटर नोएडा।फेस वार्ता:-

इस प्रकार की संस्थाओ की सकारात्मक पहल सामाजिक उन्नयन में आभावों को ख़त्म करती है, यकीनन इनका कार्य प्रसंशनीय और सराहनीय है: वंदना अरोड़ा सेठी,

लॉयड ने ‘उम्मीद’ और ‘ड्रॉप बाय ड्रॉप फाउंडेशन’ एन.जी.ओ. जैसी संस्थाएं को किताबें की दान 

ग्रेटर नोएडा:- लॉयड ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के सी.एस.आर. क्लब ने 9 जुलाई 2022 को लॉयड कैंपस में ‘पुस्तक दान अभियान’ का आयोजन किया। उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले ऐसे परिवारों के बच्चे जो आर्थिक तंगी के कारण महंगी किताबें नहीं खरीद पाते है और अपनी उच्च शिक्षा पूरी करना चाहते है उनके लिए सामाजिक स्तर पर कार्य करने वाली ‘उम्मीद’ और ‘ड्रॉप बाय ड्रॉप फाउंडेशन’ एन.जी.ओ. जैसी संस्थाएं पूरा सहयोग करती हैं | लॉयड में इन्ही संस्थाओ के सराहनीय कार्यो के लिए सम्मानित करते हुए हुए इस आयोजन में 250 -250 किताबें दोनों संस्थाओ को दान की गयी | ‘उम्मीद आशा जन सेवा ट्रस्ट’ के संस्थापक एवं संयोजक डॉ. देवेंद्र नागर नागर और श्वेता अग्रवाल ‘ड्रॉप बाय ड्रॉप फाउंडेशन’ की संस्थापक और संयोजक हैं।

कार्यक्रम में दोनों व्यक्तित्व ने अपने अपने अनुभव साझा किये | डॉ नागर ने संगोष्ठी में कहा कि “सामाजिक कार्यो को करने के लिए सामाजिक प्रेरणा बहुत जरुरी है क्योकि सामाजिक कार्यो से ही समाज सभ्य ,शिष्ट और शिक्षित बनता है जिसमे सभी की सक्रीय भूमिका होती है |” एक व्यक्ति अपनी क्षमताओं से सफल हो सकता है, प्रेरणा जीवन में आगे बढ़ने की कुंजी है, अपने जीवन की ओर एक अच्छा इरादा और लक्ष्य रखें।

लॉयड ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के ग्रुप डायरेक्टर प्रो वंदना अरोड़ा सेठी ने दोनों संस्थाओ की मदद की और अपने सम्बोधन में कहा कि “इस प्रकार की संस्थाओ की सकारात्मक पहल सामाजिक उन्नयन में आभावों को ख़त्म करती है, यकीनन इनका कार्य प्रसंशनीय और सराहनीय है जिसमे लॉयड का लघुतम सहयोग नगण्य है |”

कार्यक्रम प्रो डॉ शिल्पी सरना, एचओडी, बीबीए और संस्था का सीएसआर क्लब की मुख्या प्रभारी डॉ रुचि गर्ग के निर्देशन में सफल हुआ ।

मीडिया प्रभारी योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि इस प्रकार की पहल न केवल सभी को प्रेरित करती है बल्कि सकारातमक परिणाम के साथ उन लोगों को किताबें दान करके छात्रों और शिक्षा के बीच की खाई को पाटने के लिए भी है जो अत्यधिक गरीबी के कारण उन्हें वहन नहीं कर सकते।

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