एमिटी विश्वविद्यालय में जलवायु परिवर्तन, शमन और सतत आजीविका में वनीकरण की भूमिका पर वेबिनार का आयोजन

फेस वार्ता:-

एमिटी विश्वविद्यालय में जलवायु परिवर्तन, शमन और सतत आजीविका में वनीकरण की भूमिका पर वेबिनार का आयोजन एमिटी विश्वविद्यालय के एमिटी स्कूल ऑफ नैचुरल रिर्सोस एंड संस्टेनेबल डेलवपमेंट द्वारा 01 से 07 जुलाई तक संचालित किये जा रहे वन महोत्सव कार्यक्रम के अंर्तगत आज ‘‘जलवायु परिवर्तन, शमन और सतत आजीविका में वनीकरण की भूमिका’’ विषय पर वेबिनार का आयोजन किया गया। इस वेबिनार का शुभारंभ त्रिपुरा स्टेट सर्विस कमीशन अगरतला के चेयरमैन डा अलींद रस्तोगी, एमिटी स्कूल ऑफ नैचुरल रिर्सोस एंड संस्टेनेबल डेलवपमेंट के निदेशक डा एस पी सिंह और एमिटी स्कूल ऑफ नैचुरल रिर्सोस एंड संस्टेनेबल डेलवपमेंट की एस्सीटेंट प्रोफेसर डा लोलिता प्रधान द्वारा किया गया। इस वेबिनार का शुभारंभ करते हुए त्रिपुरा स्टेट सर्विस कमीशन अगरतला के चेयरमैन डा अलींद रस्तोगी ने कहा कि वर्तमान समय में हर व्यक्ति को स्वच्छ हवा, जल, भोजन, पर्यावरण, आने वाली पीढ़ी के लिए सुरक्षित और प्रदूषण मुक्त भविष्य चाहिए तो इसके लिए व्यक्तिगत स्तर पर और समूह स्तर पर सार्थक वन संरक्षण के प्रयास करने होगें। अगर हम वनों और वृक्षों द्वारा अवशोषित किये जा रहे

कार्बनडायआक्साइड और उत्पादन किये जा रहे ऑक्सीजन को मापन करे तो हमे एक बड़ी संख्या प्राप्त होगी। प्रकृति द्वारा प्रदान किये गये इस बिना मूल्य के उत्पादन का महत्व को हमने नही समझा इसलिए आज जलवायु परिवर्तन के गंभीर परिणाम दिखाई दे रहे है। हमे स्थानीय स्तर पर कार्रवाई करनी होगी और तकनीको को आत्मसात करके लोगों को जागरूक करना होगा तभी सन 2070 तक शून्य उत्सर्जन के ध्यये को हासिल कर पायेगें। हमारा व्यक्तिगत और सामूहिक प्रयास आवश्यक है और हर व्यक्ति को एक पेड़ लगाने के अभियान में हिस्सा लेना होगा। डा रस्तोगी ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों द्वारा एमिटी वन महोत्सव, संरक्षण और पौधा रोपण की दिशा में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। इस दौरान उन्होने अगरतला में किये गये संरक्षण और रोपण योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की। एमिटी स्कूल ऑफ नैचुरल रिर्सोस एंड संस्टेनेबल डेलवपमेंट के निदेशक डा एस पी सिंह ने कहा कि इस वन महोत्सव कार्यक्रम के दो मुख्य उददेश्य है प्रथम वन संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना और द्वितीय हर व्यक्ति को कम सेे कम एक पेड़ लगाने और उसको पोषित करने के लिए प्रेरित करना है। इस बढ़े हुये शहरी तापमान को कम करने के लिए पौधारोपण महोत्सव और भी महत्वपूर्ण हो गया है युवा पीढ़ी को वन संरक्षण के लिए संवेदनशील बनाना होगा। एमिटी मे ंहम छात्रों को जानकारी प्रदान करने के लिए पौधारोपण के लिए प्रोत्साहित भी कर रहे है। इस अवसर पर एमिटी स्कूल ऑफ नैचुरल रिर्सोस एंड संस्टेनेबल डेलवपमेंट की एस्सीटेंट प्रोफेसर डा लोलिता प्रधान ने अतिथियों का स्वागत किया।

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