पात्रा चॉल भूमि घोटाला मामले में शिवसेना सांसद संजय राउत के ख‍िलाफ समन जारी क‍िया |

 

आओ मुझे गिरफ्तार करो : संजय राउत

महाराष्‍ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार पर संकट कम होने का नाम नहीं ले रहा है। श‍िवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के खास स‍िपहसालार संजय राउत की मुश्‍क‍िल बढ़ गई है। प्रवर्तन न‍िदेशालय ने पात्रा चॉल भूमि घोटाला मामले में शिवसेना सांसद संजय राउत के ख‍िलाफ समन जारी क‍िया है। ईडी ने संजय राउत को 28 जून मंगलवार को पूछताछ के ल‍िए तलब किया है।
संजय राउत पर जिस जमीन घोटाले में शिकंजा कस रहा हैए उसके बारे में आपको बताते हैं। पात्रा चॉल लैंड स्कैम में करीब 1034 करोड़ के घोटाले का आरोप है। इस मामले में संजय राउत के सहयोगी प्रवीन राउत की 9 करोड़ रुपये और संजय राउत की पत्नी वर्षा की 2 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त हो चुकी है। ईडी प्रवीन राउत को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। मुंबई के गोरेगांव इलाके में पात्रा चाल है। यह महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवेलपमेंट अथॉरिटी का प्लॉट है।
ईडी के समन पर श‍िवसेना सांसद संजय राउत ने ट्वीट करके कहा क‍ि मुझे अभी मालूम पड़ा कि ईडी ने समन भेजा है। अच्छा है। महाराष्ट्र में बड़ा घटनाक्रम चल रहा है। हम सब बालासाहेब ठाकरे के शिवसैनिक बड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं। हमें रोकने के लिए यह सारी कारस्तानी की जा रही है। मेरी गर्दन भी काट लो तो भी मैं गुवाहाटी का मार्ग स्वीकार नहीं करूंगा। आओ मुझे गिरफ्तार करो।
प्रवीन राउत पर आरोप है कि उन्होंने पात्रा चॉल में रह रहे लोगों से फ्रॉड किया। गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन को पात्रा चॉल के 3000 फ्लैट को डेवलप करने का काम मिला था। इनमें से 672 फ्लैट यहां रहने वालों को देना था। बाकी फ्लैट्सMHADA और डेवलपर के बीच में बांटे जाने थे। 2010 में राउत के सहयोगी प्रवीन राउत ने गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन कंपनी के 25 प्रतिशत शेयर एचडीआईएल को बेच दिए थे। इसके बाद 2011 – 2012 और 2013 में प्लॉट के कई हिस्सों को दूसरे निजी बिल्डर्स को बेच दिया गया।

पार्टी नेता संजय राउत को अपनी जुबान पर काबू रखना चाहिए :-श्रीकांत शिंदे

एक दिन पहले संजय राउत ने गुवाहाटी में कैंप कर रहे बाग़ी विधायकों को श्ज़िंदा लाशश् कहा था जिसे लेकर महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में काफी विवाद हुआ है शिवसेना के मरहूम नेता आनंद दिघे की समाधि पर थाणे में पत्रकारों से बात करते हुए श्रीकांत शिंदे ने कहा कि संजय राउत को अपने कहे शब्दों को लेकर एहतियात बरतना चाहिए क्योंकि वे भी किसी के पिता हैं और उनका परिवार भी उनकी टिप्पणी देखता-सुनता है |
उन्होंने कहा , ये महाराष्ट्र की संस्कृति नहीं है जिस तरह से वे बयान दे रहे हैं महाराष्ट्र उन्हें देख रहा है| ये तब होता है जब उसे एहसास होता है कि सत्ता उसके हाथों से फिसल रही है ण् एक बॉलीवुड फ़िल्म के लिए ये अच्छा मसाला है |महाराष्ट्र के लोग इस तरह के असंसदीय बयानों का उचित जवाब देंगे |

 

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